एम्बुलेंस का इनकार, प्रेग्नेंट महिला को 6 किमी बांस पर लटकाकर पहुंचाया अस्पताल

बांस पर कपड़े का पालना बना कर अस्पताल ले जाता महिला का परिवार

जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने के दावों की कलई खोलती एक घटना तमिलनाडु के इरोड से सामने आई है. यहां 22 वर्षीय गर्भवती महिला को करीब छह किलोमीटर तक बांस पर कपड़े का पालना बना कर ले जाना पड़ा. खराब सड़क की वजह से महिला के घर तक एम्बुलेंस का पहुंचना मुमकिन नहीं था.
एम्बुलेंस ने खराब सड़क का हवाला दिया
सोमवार शाम को सुन्दाप्पुर इलाके में रहने वाली कुमारी नाम की महिला को प्रसव पीड़ा हुई. अस्पताल ले जाने के लिए कुमारी के पति मदेश ने 108 नंबर एम्बुलेंस सेवा को फोन किया. लेकिन एम्बुलेंस ने खराब सड़क का हवाला देते हुए वहां आने से इनकार कर दिया. इस इलाके में लगातार बारिश होने की वजह से सड़कों की हालत खराब है.  
ऐसे में मदेश और गांव के लोगों ने बांस के डंडे पर कपड़े का पालना बनाया और कुमारी को उसमें लिटा दिया. छह किलोमीटर ऐसे ही उन्हें चलना पड़ा. इनमें करीब ढाई किलोमीटर का रास्ता जंगल का था.
रास्ते में ही दिया शिशु को जन्म
किसी तरह सड़क तक पहुंच कर उन्होंने एम्बुलेंस का इंतजार करना शुरू कर दिया. कुमारी को प्रसव पीड़ा अधिक होने लगी तो उसे सामान ढोने वाले वाहन में बरगुर के प्राइमरी हेल्थ सेंटर तक ले जाया गया. हेल्थ सेंटर ले जाते हुए रास्ते में ही कुमारी ने शिशु को जन्म दिया. अस्पताल में जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं.

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