
कोलारस- 14 फरवरी शुक्रवार को ईसाई धर्म के लोग वैलेंटाइन डे यानि की प्यार करने वालो का दिन के रूप में 14 फरवरी को विश्व भर में मनायेगे। इस दिन भारत में ही प्रेमी जोडे इस पर्व को अलग-अलग या यूकहे तो गलत तरीके से मनाते है। जिस प्रकार एक जनवरी को विश्वभर के लोग नव वर्ष के रूप में मनाते है। यदि उसी प्रकार वैलेंटाइन डे के दिन को पति-पत्नि, प्रेमी जोडे से लेकर जिससे भी प्रेम करते है। उसे दीर्घायु के लिये मंदिर में जाकर ईश्वर से आर्शीवाद प्राप्त कर पुष्प गुच्छ भेट कर उसे नये रूप में पश्चिमी सभ्यता के दिन को भारतीय परम्परा में पिरोते हुये इस दिन को शराब, कबाब एवं सैक्स से दूर हटकर प्रेम करने वाले से फूल देकर मंदिर में जाकर भी नये रूप में इस दिन को नव वर्ष एक जनवरी की तरह भी मनाया जा सकता है। जिसका हिन्दूबादी संगठन विरोध न कर सकें। दुनिया का हर बंधन प्यार से बना होता है, अगर प्यार न हो, तो जिन्दगी में खुशियाँ नहीं हो सकती, वैसे प्यार का इजहार कभी वक्त या मुहूर्त देखकर नहीं किया जाता, प्यार बिन बोले ही बयाँ हो जाता है, प्यार अहसास का एक ऐसा समुंदर है, जिसमे अगर तू?ान भी आये, तो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता. प्यार त्याग, विश्वास की एक ऐसी डोर है, जिसे बस महसूस कर सकते है, जिसे शब्दों में पिरोना आसान नहीं ऐसे ही प्यारे अहसास को जब एक त्यौहार वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है, तब वह दिन एक यादगार दिन बन जाता है. जीवन में जब सब कुछ प्यार ही है, तो इस अनमोल अहसास को वक्त देना भी बहुत जरुरी है और वक्त शायद इस भाग दौ? की दुनिया में कही खो गया है, वक्त एक ऐसा पंछी है, जो अगर हाथ से निकल गया, तो वापस नहीं आता और जिन्दगी में वक्त सुन्दर यादों में ही कैद हो पाता है वैलेंटाइन डे के दिन सब अपने प्यार के लिए वक्त निकालते है, प्यार का इजहार करते है, कीमती वक्त में से जीवन के सबसे कीमती उपहार, जो आपको उपर वाले ने दिया, उसको मानते है. सब इस दिन के लिए प्लान बनाते है और वैलेंटाइन डे केवल एक दिन नहीं, बल्कि पूरे हफ्ते मनाया जाता है.
वैलेंटाइन डे की कहानी ()
वैलेंटाइन किसी दिन का नाम नहीं है, यह नाम है एक पादरी का, जो कि रोम में रहता था, उस वक्त रोम पर क्लोडिअस का शासन था, जिसकी इच्छा थी, कि वह एक शक्तिशाली शासक बने, जिसके लिए उसे एक बहुत बडी सेना बनानी थी, लेकिन उसने देखा कि रोम के वो लोग जिनका परिवार है, जिनके बीवी और बच्चे है, वो सेना में नहीं जाना चाहते, तब उस शासक ने एक नियम बनाया, जिसके अनुसार उसने भविष्य में होने वाली सभी शादी पर प्रतिबन्ध लगवा दिया. यह बात किसी को ठीक नहीं लगी, पर उस शासक के सामने कोई कुछ नहीं कह पाया. यह बात पादरी वैलेंटाइन को भी ठीक नहीं लगी. एक दिन एक जोडा आया, जिसने शादी करने की इच्छा जाहिर की, तब पादरी वैलेंटाइन ने उनकी शादी चुपचाप एक कमरे में करवाई. लेकिन उस शासक को पता चल गया और उसने पादरी वैलेंटाइन को कैद कर लिया और उसे मौत की सजा सुनाई गई जब पादरी वैलेंटाइन जेल में बंद था, तब सभी लोग उससे मिलने आते थे, उसे गुलाब और गिफ्ट देते थे, वह सभी बताना चाहते थे, कि वह सभी प्यार में विश्वास करते है, पर जिस दिन उनको मौत की सजा दी, वह दिन 14 फरवरी 269 था, मरने से पहले पादरी वैलेंटाइन ने एक खत लिखा, जो कि प्यार करने वालो के नाम था. वैलेंटाइन प्यार करने वालों के लिए खुशी खुशी कुर्बान हुआ है और प्यार को जिन्दा रखने की गुहार करता है, इसलिए उस दिन से आज तक 14 फरवरी को वैलेंटाइन की याद में वैलेंटाइन डे के नाम से मनाये किया जाता है.