पुराने ठेकेदारो ने शराब दुकानों में नहीं दिखाई रूची, लॉटरी सिस्टम से अपनाई जाएगी प्रक्रिया,205 करोड़ रूपये का राजस्व जुटाने की योजना



कोलारस - कोलारस के शिवपुरी जिले में आबकारी विभाग की शराब दुकानों के ठेके लेने में पुराने ठेकेदारों ने रूचि नहीं दिखाई है। जिले की 33 समूह की शराब दुुकानों के लिए 205 करोड़ रूपये का राजस्व जुटाने की योजना के तहत गुुुरुवार तक पुराने ठेकेदारों से रिन्युवल प्रस्ताव मांगे गए थे। जिसमें 80 फीसदी ठेकेदार पिछले वर्ष से 25 प्रतिशत बडी हुई राशि का प्रस्ताव देते है। तो उन्हें शराब दुकाने पुन: दे दी जाएंगी। लेकिन गुरुवार को इस प्रस्ताव में पुराने ठेकेदारों ने रूचि नहीं दिखाई। जिले के 33 समूह की दुकानों के लिए केवल 7 या 8 समूह ने ही 25 प्रतिशत राशि का प्रस्ताव दिया। इस तरह से अब सरकार की मंशा अनुरूप प्रस्ताव न आने पर इन शराब दुकानों को अब लॉटरी सिस्टम के माध्यम से बडी हुई राशि पर उठाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस प्रक्रिया में अब नए लोग भी भाग लेकर बडी हुई रेट पर अपने प्रस्ताव दे सकेंगे। 


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पहले से दुकान चलाने वाले ठेकेदारों ने नहीं दिखाई रूचि- जिले में 33 समूहों के अंतर्गत 100 से ज्यादा शराब दुकानें आती हैं। इन समूहों के लिए सरकार की नई पॉलिसी के तहत पहले पुराने ठेकेदारों को ही 25 प्रतिशत राशि बडाकर दुकाने रिन्युवल करने की योजना थी लेकिन गुुरुवार तक 80 प्रतिशत दुकान संचालकों ने बडी हुई रेट पर अपने प्रस्ताव नहीं दिए। इसलिए अब नए सिरे से लॉटरी सिस्टम से बडी हुई दर पर दुकाने देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 


205 करोड रुपए जुटाने का लक्ष्य- आबकारी विभाग से जुडे सूत्रों ने बताया है। कि इस बार सरकार ने अपनी नई आबकारी पॉलिसी के तहत जिले से 205 करोड रुपए का राजस्व जुटाने की योजना बनाई है। बताया जाता है कि पिछले वर्ष 150 करोड रुपए से ज्यादा में शराब दुकाने उठी थी। इस बार 33 समूहों के लिए 25 प्रतिशत राशि बडाकर लगभग 205 करोड रुपए का राजस्व जुटाने की योजना है। अब पुराने ठेकेदारों द्वारा रूचि न दिखाने के बाद अब लॉटरी सिस्टम में नई लोगों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। इसके बाद भी रेट नहीं आते हैं तो नए सिरे से टेंडर करा समूह अनुसार रेट मंगाई जाएंगी।

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