क्या गहलोत सरकार की उल्टी गिनती शुरू, जानिए राजस्थान का नंबर गेम


  • आज सुबह 10.30 शुरू होगी कांग्रेस विधायक दल की बैठक
  • बैठक में शामिल होने से सचिन पायलट कर चुके हैं इनकार

गहलोत सरकार पर संकट गहराता जा रहा है. 12 घंटे से भी कम वक्त में गहलोत सरकार की किस्मत का फैसला लगभग हो जाएगा. सोमवार सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. इस बैठक में शामिल होने से उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मना कर दिया है. सचिन पायलट का विधायक दल की बैठक में हिस्सा नहीं लेना यानि राजस्थान में कुर्सी की लड़ाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस के बागी विधायक सचिन पायलट के साथ हरियाणा के मेवात में रुके हुए हैं, जहां बीजेपी की सरकार है. सचिन पायलट की ओर से कह दिया गया है कि गहलोत सरकार अल्पमत में है. ये बयान गहलोत सरकार को संकट में डालने वाला है. शनिवार से लेकर अभी तक कांग्रेस के किसी नेता से सचिन पायलट की बातचीत नहीं हुई है, लेकिन पायलट सिंधिया से मिले हैं. सूत्रों के मुताबिक, पायलट खेमे के 27 विधायक भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायक भी बीजेपी से जुड़ सकते हैं. सचिन पायलट ने भी दावा किया कि 30 विधायक उनके साथ हैं. पायलट के खेमे के विधायक अपना इस्तीफा विधायक दल की बैठक से पहले विधानसभा अध्यक्ष को भेज सकते हैं.

सचिन पायलट की खुली बगावत- बैठक में नहीं जाऊंगा, अल्पमत में है गहलोत सरकार

क्या है राज्य का सियासी गणित

राजस्थान में कांग्रेस के पास अपने 107 विधायक हैं. उसके साथ 12 निर्दलीय और 6 अन्य पार्टियों के विधायक हैं. वहीं, बीजेपी के पास 72 विधायक हैं और आरएलपी के 3 विधायक उसके समर्थन में हैं. अगर पायलट 27 विधायकों रिझाने में कामयाब हो जाते हैं तो गहलोत सरकार अल्पमत में आ जाएगी. ऐसे में बहुमत साबित करने के लिए 101 विधायकों की जरूरत होगी, ये आंकड़ा जुटा पाना फिर आसान नहीं होगा.

फिलहाल का समीकरण...

कुल सीट- 200

बहुमत के लिए-101

कांग्रेस-107 के साथ 12 निर्दलीय, अन्य-6 हैं

बीजेपी-72 के साथ आरएलपी-3 है

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