कोलारस-कोलारस विधानसभा क्षेत्र की हम बात कर रहे है। यहां से सत्ताधारी पार्टी से विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी है। महल का गढ़ माने जाने वाले कोलारस विधानसभा क्षेत्र से लोकसभा एवं विधानसभा के चुनावों में महल का प्रभाव जनता ने खत्म कर कोलारस विधानसभा क्षेत्र की जनता ने सांसद के रूप में पहली बार महल के विरोध में जीत दर्ज कराई साथ ही विधानसभा के चुनाव में महल घुर विरोधी माने जाने वाले वीरेन्द्र रघुवंशी को चुनाव मेदान में सफलता दर्ज कराई। यह कोलारस विधानसभा क्षेत्र के लिये पहला अबसर है। जिसमें विधायक एवं सांसद दोनों ही महल विरोधी होने के साथ ही च़ुनाव जीते जनता की पसंद सांसद एवं विधायक के क्षेत्र कोलारस में प्रशासनिक अधिकारी यानि की नौकरशाह इन्हीं के मतदाताओं को ईस्ट इंडिय़ा कम्पनी की तरह दोनों हाथों से लूट रहे है। यह बात हम किसी एक व्यक्ति विशेष अथवा विभाग के बारे में बात नहीं कर रहे है। यह हालात लगभग कोलारस विधानसभा के सभी विभागों में देखने को मिल रहे है।
सांसद का क्षेत्र बड़ा किन्तु विधायक जी को कसनी चाहियें नकेल
कोलारस-कोलारस विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का दर्द हम खबर के माध्यम से चुने हुये जनप्रतिनिधिओं तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है। कि किस प्रकार कोलारस विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को प्रशासनिक अधिकारी यानि की नौकरशाह क्षेत्र के प्यारे मतदाताओं को लूट रहे है। चूंकी सांसद का कार्य क्षेत्र जोकि बड़ा है। उनके क्षेत्र में 8 विधानसभायें आती है। किन्तु कोलारस विधायक को नेताओं का नहीं बल्की जनता का विधायक कहा जाता है। विधायक जी को अपनी प्यारी जनता को लूटने से बचाने के लिये अपने समर्थक लोगो को कोलारस के विभागों में काम कराने के लिये भेजना चाहियें और बिना परिचय के भेजने पर विधायक जी को ज्ञात हो जायेंगा। कि किस प्रकार शासकीय कार्यालयों में बैठे नौकरशाह जनता को वेतन लेने के साथ-साथ ईस्ट इंडिय़ा कम्पनी की तरह लूट रहे है। विधायक जी खुपिया तंत्र खड़ा कर चोर नौकरशाहों की बदली कराने की जगह ऐसे लोगो के खिलाफ पुलिस केस अथवा लोकायुक्त की कार्यवाही करायें। जिससे कोलारस विधानसभा क्षेत्र की जनता को लुटने से राहत मिल सकें।
भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम लगाने के लिये लोगों को लेना चाहिये लोकायुक्त की मद्द
कोलारस-कोलारस विधानसभा क्षेत्र में नौकरशाह वे लगाम हो चुकी है। लोग सेटिंग करके अपना काम निकलने में चतुराई समझते है। जिसके कारण प्रशासनिक अधिकारियों को लूट की खुली छूट मिल जाती है। जिसके चलते सेटिंग करके अपना काम बनाने वाले लोगो के परिजन, समाज के लोग आगें भी लूटते रहते है। प्रशासनिक अधिकारियों के विरूद्ध काफी लम्बे समय से लोकायुक्त पुलिस द्वारा एफआईआर की कार्यवाही न होने से प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के हौसले बुलंद है। जिसके चलते जनता के साथ खुली लूट की छूट का खेल विभागों में खेला जा रहा है। लोगो को सेटिंग करके अपना उल्लू यानि की अपना स्वास्थ सिद्ध करने की जगह ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस में जाकर काम के बदले पैसे मांगने वाले नौकरशाहों की शिकायत करनी चाहियें । जिससे नौकरशाही की अबैध बसूली पर लगाम लग सकें।
