1 जुलाई से मध्यप्रदेश में होंगे ट्रांसफर, 1 वर्ष बाद रोक हटी
मध्यप्रदेश में एक बार फिर से लगभग 1 वर्ष के पश्चात स्थानांतरण पर लगा हुआ प्रतिबंध 1 जुलाई से समाप्त कर दिया जाएगा 1 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक स्थानांतरण हो सकेंगे इन स्थानांतरण में क्लास वन ऑफिसर को अर्थात आईएएस स्थानांतरण को अपील करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय अपील का क्षेत्र होगा । अर्थात अगर कोई आईएएस अपने स्थानांतरण से संतुष्ट नहीं है तो वह मुख्यमंत्री के समक्ष अपील कर सकता है । इसके साथ ही मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा निर्णय 1 वर्षों के पश्चात भी सरकार गठन की स्थितियों के मद्देनजर रखते हुए बिना किसी प्रभारी मंत्री के इस वर्ष मध्यप्रदेश में स्थानांतरण होंगे । क्योंकि मध्यप्रदेश में प्रभारी मंत्रियों की संबंधित जिलों में तैनाती अभी तक नहीं हो पाई है । ऐसी स्थिति में निश्चित रूप से प्रभारी मंत्री जिस स्तर के स्थानांतरण किया करते थे उन स्तर का स्थानांतरण अब मध्य प्रदेश के जिला स्तर पर नहीं हो सकेगा । इस मामले में आने वाले समय में कोई अन्य आदेश प्रशासनिक स्तर पर जारी हो सकता है जिससे जिला स्तर की स्थानांतरण भी हो सके । अभी तक महामारी की स्थिति में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई मंत्रियों को जिले का प्रभारी बनाया है । परंतु इसे प्रभारी मंत्री नहीं कहा जा सकता है ।
प्रस्तावित नई पॉलिसी में कोरोना से गंभीर बीमार हुए सरकारी कर्मी को तबादले से छूट मिल सकेगी। अभी यह छूट कैंसर, किडनी खराब, ओपर हार्ट सर्जरी आदि के चलते नियमित जांच कराने वाले कर्मियों को मिलती है।मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चौथे कार्यकाल में पहली बार ट्रांसफर से बैन हटाया जा रहा है। इससे पहले कमलनाथ सरकार ने 5 जून से 5 जुलाई तक एक माह ट्रांसफर से बैन हटाने के लिए पॉलिसी लागू की थी। इसके बाद होने वाले ट्रांसफर के लिए विभाग की तरफ से प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय में समन्वय के लिए भेजा जाता था। इस दौरान मंत्रियों को भी ट्रांसफर करने के अधिकार नहीं रहते हैं। लेकिन, बैन हटने के दौरान ट्रांसफर के लिए राज्य शासन पॉलिसी लागू करता है।बता दें कि मंत्रियों और विधायकों के पास ट्रांसफर के सैकड़ों आवेदन पड़े हैं। इतना ही नहीं चूंकि ट्रांसफर पर बैन लगने के कारण मंत्रियों की सिफारिश के पत्र व नोटशीट मुख्यमंत्री कार्यालय में पहुंच रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ने ट्रांसफर से बैन हटाने का ऐलान किया है ।