विवेक व्यास कोलारस - सहकारी बैंक के साथ साथ यदि सहकारी समितियों की सघन जांच होगी तंभी पूर्व मैं कारित खरीदी घोटाले की परतों का खुलासा होगा। यदि शिवपुरी जिले मे कोलारस के साथ साथ सहकारी समितियों की जांच होती है तो कई खाद घोटाले, लोन घोटाले, कंट्रोल और खरीदी के कमीसन घोटाले,बारदाना घोटाले,नेप्ट से जुड़े तकनीकी घोटाले सामने आएंगे। जिससे आगमी समय मैं सहकारी बैंक की हालत भूमि विकास बैंक जैसी होने से बच जाएगी। सहकारिता के क्षेत्र मे हुए करोड़ों के इस घोटाले की खबर राजधानी भोपाल तक है। वे कोलारस के लिए कलंकित करने वाला है। आये दिन यहां घोटालों और घपलों की खबरों ने इस नगर की छवि को धूमिल करके रख दिया। अभी सूखा राहत घोटाले की जाँच भी नही हुई कि हालही मैं करोड़ों की जमीन को फर्जी माफिया बेचने की जुगत मैं थे जो घोटाला होने से बचा।हो सकता है कोरोना के नाम पर आई राशि मे भी लंबा खेल किया हो। अब किसी भी संभाबना से इनकार नही किया जा सकता। अब प्रशासन को पारदर्शी होना होगा जैसे बाढ़ पीड़ितों की मदद मैं प्रचार किया जा रहा है वैसे ही अब किसी भी सार्वजनिक राशि के खर्चे का प्रेस नोट जारी किया जाना चाहिए। इसी कड़ी मैं सहकारी बैंक और समितियों की रोज जांच दल द्वारा जो जांच की जा रही है उसको सार्वजनिक किया जाना चाहिए यदि कोई बिंदु जनता द्वारा पेश किया जाता है तो उसकि भी जांच हो। पूरे जिले की जनता जांच की कार्यवाही को अखबार मैं पड़ने को आतुर है।। बरना राजा साहब तो आ ही रहे है वो तो फ़ैलारा करने मे निपुण है ही।
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