चीन के वुहान शहर में कोरोनावायरस महामारी फैलने की पहली कुछ रिपोर्ट लाने वाली पत्रकार झांग झान की जान खतरे में है। वे मई 2020 से ही जेल में बंद हैं, जहां उनका स्वास्थ्य लगातार खराब हुआ है। अब खुलासा हुआ है कि जेल में ही खुद की सजा के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने के बाद झांग मौत के करीब हैं। इसके बाद से ही पत्रकार के परिवार ने उन्हें जेल से निकालने के लिए मानवाधिकार संगठनों से मदद मांगी है शंघाई की एक अदालत ने पिछले साल दिसंबर में झान को झगड़ा करने एवं परेशानी बढ़ाने के आरोप में सजा सुनाई थी। यह एक ऐसा आरोप है जिसे आमतौर पर राजनीतिक मामलों में इस्तेमाल किया जाता है कुछ दिन पहले ही पत्रकार के परिवार से बात करने वाले एक वकील ने कहा कि लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के चलते झांग काफी कमजोर हो गई हैं। इसके बाद भी उन्हें रिहा किए जाने की मांग उठाई गई थी। लेकिन चीनी अफसरों ने सख्ती बरतते हुए झांग को छोड़ने से इनकार कर दिया था।
जुलाई में अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं झान
इसी साल अगस्त में चीनी सोशल मीडिया पर एक समूह को भेजे गए झांग की मां के संदेश के मुताबिक, 31 जुलाई को पत्रकार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब उनका वजन 40 किलोग्राम से भी कम निकला था। अब झान के भाई झांग जू ने ट्विटर अकाउंट से खुलासा किया है कि उनकी बहन का वजन काफी घट गया है और हो सकता है वे ज्यादा दिन जिंदा न बचें। जू ने कहा कि झान शायद अगली सर्दी में सलामत न रह पाएं दुनियाभर के पत्रकार और मानवाधिकार संगठनों ने झांग झान के हालात पर चिंता जताई है। एक पत्रकार को जेल में रखे जाने को मानवाधिकारों पर शर्मनाक हमला करार दिया गया। झांग के एक करीबी ने बताया कि उनका परिवार तीन हफ्तों से अधिकारियों से उन्हें मिलाने की अपील कर रहा है। लेकिन इस मामले में अब तक अफसरों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। शंघाई जेल अधिकारियों ने भी झांग की स्थिति पर अपडेट जारी नहीं किया है।