हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक अनूठे मामले की सुनवाई हुई। ये मामला इसलिए दिलचस्प है क्योंकि जिस युवक के खिलाफ युवती ने छेड़छाड़ और दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। अब उसी युवक से शादी होने की बात कही और माता-पिता पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
युवती ने हाई कोर्ट से परिजनों से सुरक्षा दिलाने की मांग की। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पुलिस को निर्देश दिया कि युवती के विवाह प्रमाण पत्र की जांच करे। यदि वो सही निकले और युवती सुरक्षा के लिए एसपी को आवेदन दे तो उसे नियमानुसार सुरक्षा दी जाए।
दरअसल, चीनौर निवासी युवती जब नाबालिग थी तब उसने एक युवक के खिलाफ दो अलग-अलग शिकायतें की। आरोप की गंभीरता को देखते हुए मुकेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन हाई कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। बालिग होते ही युवती ने मुकेश के साथ आर्य मंदिर में शादी कर ली और परिजनों से सुरक्षा दिलाने की हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा केवल उसी स्थिति में दी जाएगी, जब विवाह प्रमाण पत्र वैध होगा और युवती परिजनों से खतरा जताकर पुलिस से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अभ्यावेदन या आवेदन देगी। यदि विवाह प्रमाण पत्र अवैध निकला तो किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।