गौ माता की रक्षा करना प्रत्येक मानव का धर्म है- ब्रजभूषण महाराज

कोलारस-गौ माता की रक्षा करना प्रत्येक मानव का परम कर्तव्य  है गौ माता की रक्षा के लिए भगवान श्री कृष्ण पृथ्वी पर अवतार लेकर के आए थे और गौ माता के लिए उन्होंने अपना समस्त जीवन समर्पित कर दिया एवं उन्होंने गौ माता के लिए अपना नाम गोपाल भी रख लिया लेकिन आज भारत का दुर्भाग्य है कि प्रत्येक मनुष्य के भीतर से गौ माता के प्रति श्रद्धा विश्वास आस्था सब कुछ समाप्त होता चला जा रहा है कुछ लोग गौ माता को नष्ट करने के लिए प्रयास कर रहे हैं और वह चाहते हैं कि गौ माता भारत से संपूर्ण रूप से समाप्त हो जाए इसके लिए दुष्ट लोग नाना प्रकार के प्रयास कर रहे हैं लेकिन भगवान कृपा से उनके प्रयास कभी भी सफल नहीं होंगे मनुष्य को चाहिए कि गौ माता की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करें जहां पर भी गौ माता मिले उनका सम्मान करें आज गौमाता की दुर्दशा देखी नहीं जा रही है कोई भी मनुष्य रक्षा के लिए खड़ा नहीं हो रहा है कुछ संगठन है उनके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद है जो गौ माता के लिए अपना योगदान दे रहे हैं उनके साथ रहते हैं गौ माता की सेवा के लिए तत्पर है पृथ्वी पर तब तक ही जीवन मनुष्य जी सकता है क्योंकि गौ माता जीवित है और हम सरकार से निवेदन करते हैं कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करें यह हमारी सरकार से बार-बार प्रार्थना है क्योंकि गौ माता गोमूत्र से समस्त रोग मिटा सकती है गौ माता के गोबर से समस्त वायरस को समाप्त कर सकती है गौ माता आपने दूध से सभी को बलवान करती हैं इसलिए गौमाता की रक्षा करना सभी का धर्म है यह प्रवचन ब्रजभूषण महाराज ने  कथा के पांचवे दिन गोवर्धन पूजा के समय दिए और उन्होंने बताया कि सभी को धर्म से जुड़ना चाहिए अपनी संस्कृति का पालन करना चाहिए आचार्य जी ने कथा के मध्य में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के पश्चात भगवान की बाल लीला का वर्णन किया और उन्होंने बताया कि भगवान सिर्फ पापियों को मारने के लिए अवतार नहीं लेते अपितु मनुष्य को शिक्षा देने के लिए भी भगवान का अवतार होता है आचार्य जी ने पूतना वध का प्रसंग माखन चोरी का प्रसंग एवं चीर हरण लीला एवं कालीदह पर जो भगवान ने लीला कि उसका वर्णन किया यह कथा पचावली में चल रही है भागवत कथा में ग्राम लुकवासा रिजोदा आनंदपुर लालपुर सजाई खरेह  पचावला आदि ग्रामों से ग्रामवासी धर्म लाभ ले रहे हैं इस कथा का आयोजन नीलम सिंह दांगी करवा रहे हैं यह कथा 17 नवंबर तक होगी

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