वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के नाम में जुड़े झांसी सहारा का हो भुगतान हेतु केंद्रीय गृहमंत्री को ज्ञापन

झांसी - मर्द नहीं मैं मर्दानी हूं,आंच आए मातृभूमि पर तो मैं भी झांसी वाली रानी हूं, मैं रानी नहीं, में मर्दानी हूं भला रानी शब्द को झांसी शब्द से कैसे अलग किया जा सकता, शासन ने रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई के नाम से रखने की घोषणा की पर कई माह व्यतीत होने के बाद भी इसमें झांसी शब्द ना होने के कारण झांसी वासियों की भावनाएं आज भी आहत हैं अगर यदि यह कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी की रानी के प्राण बसते थे झांसी वासियों में, और झांसी वासियों के प्राण बसते हैं रानी में।

      उन्हीं लाखों झांसी वासियों के अंतर्मन की वेदना को अंदर सैयर गेट व्यापार मंडल एवं कर्म योगी संस्था के अध्यक्ष पंडित संतोष कुमार गौड़ ने सारथी बनकर एक बार पुनः भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह के झांसी आगमन पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष मुकेश मिश्रा के नेतृत्व में ज्ञापन प्रेषित कियाऔर कहा की पूर्व समय में झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई के नाम से घोषित हुआ, जिसमें झांसी शब्द का उल्लेख किन्ही कारणों बश नहीं हो सका जिसके परिणाम स्वरूप प्रतिदिन विभिन्न राज्यों से यात्रा करने वाले अनेकों यात्री भी भ्रमित हो जाते हैं और गंतव्य स्टेशन झांसी की बजाय अन्य स्टेशन पर पहुंच जाते हैं एवं इसके साथ साथ लाखों झांसी  निवासी नाम में झांसी शब्द ना होने से आज भी आहत हैं।

ज्ञापन में एक विषय को और रखा गया जिसमें कहा गया  की सहारा इंडिया में अनेकों खाता धारकों का मैच्योरिटी डेट की से आने के बाद आज दिन तक भुगतान संभव नहीं हो रहा ज्ञापन में मुख्य रूप से राजेश कुमार मलिक, श्याम कुमार द्विवेदी, भगवानदास चौरसिया, राजेश शर्मा, पवन अग्रवाल, पवन साहू, नरपत कुमार, दशरथ यादव, किशोर साहू, विजय वर्मा आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित संतोष कुमार गौड़ ने की

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