शिवपुरी - काफी माथापच्ची के बाद बीजेपी ने इंदौर एवं रतलाम के महापौर उम्मीदवारों की अधिकृत रूप से घोषणा करते हुऐ ग्वालियर महापौर के प्रत्याशी की घोषणा बुधवार को इंदौर के लिए पुष्य मित्र भार्गव तथा रतलाम में प्रहलाद पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया इंदौर के प्रत्याशी भार्गव संघ की पृष्ठभूमि से आते है वो एबीवीपी से भी जुड़े रहे है भार्गव ने अतिरिक्त महाधिवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है ग्वालियर महापौर पद के लिए भाजपा उम्मीदवार सुमन शर्मा का नाम घोषित किया गया है ।
इस बार बीजेपी में भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत 15 नगर निगम के मेयर उम्मीदवार घोषित कर दिए गए हैं। ज्यादातर उम्मीदवारों को क्षेत्रीय नेताओं की गारंटी पर टिकट दिया गया है सागर से संगीता तिवारी को जिताने की जिम्मेदारी नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह पर है कटनी में पूर्व मंत्री संजय पाठक के समर्थक और रेत कारोबारी विनय दीक्षित की पत्नी ज्योति दीक्षित को टिकट दिया गया है। रीवा से पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला की गारंटी पर प्रबोध व्यास को टिकट दिया गया है इसी प्रकार इंदौर में भार्गव को संघ के साथ ही बीजेपी महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय का समर्थन मिलने की बात भी कही जा रही है ब्राहम्ण उम्मीदवार लाकर बीजेपी ने कांग्रेस के सामने जातीय गणित को भी ध्यान में रखा।
भोपाल में फंसे पेंच को निकालने के लिए इसी फॉर्मूले का इस्तेमाल किया गया है यहां मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा और कृष्णा गौर ने उम्मीदवार मालती राय को जिताने की गारंटी दी है यहां लगभग सभी नेताओं ने पहले अपने- अपने प्रत्याशियों के नाम दिये थे, लेकिन फिर तीनों विधायकों ने मालती राय के नाम पर सहमति दे दी।
संघ की पसंद के 4 उम्मीदवार
बीजेपी के महापौर पद के 4 उम्मीदवार आरएसएस की पसंद से मैदान में उतारे गए हैं। जबलपुर से उम्मीदवार डॉ. जितेंद्र जामदार की पृष्ठभूमि संघ से जुड़ी है। वे पिछले कई वर्षों से संघ के विभिन्न संगठनों के माध्यम से काम कर रहे हैं। फिलहाल वे जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष हैं। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी प्राप्त है। इसी तरह सतना से योगेश ताम्रकार को मौका दिया गया है। उनके पिता शंकर ताम्रकार प्रांत संघ चालक रहे हैं। उन्हें बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाया गया। अब उन्हें महापौर का टिकट दिया गया है। इंदौर के उम्मीदवार भार्गव भी संघ पृष्ठ भूमि के हैै। भार्गव ने आज ही अतिरिक्त महाधिवक्ता पद से इस्तीफा दिया। मंजूर कर लिया गया है। बता दें कि यहां से डॉ. निशांत खरे को टिकट देने की पैरवी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कर रहे थे। हालांकि उन्होंने विकल्प के तौर पर मधु वर्मा के नाम पर विचार करने का सुझाव दिया था, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने विधायक रमेश मेंदोला का नाम आगे बढ़ाकर पेंच फंसा दिया था।