इंग्लैंड की महारानी क्वीन एलिजाबेथ के प्रतिनिधि भी बागेश्वर धाम की महिमा देख दंग रह गए….
नतमस्तक हो कर सनातन गुणगान किया…श्रध्दा ऐसी की अपनी टोपी भी नीचे रख दी !
सनातन संस्कृति के सामने और यहां तक की कथा के बाद मंच पर जब बोलने पहुंचे तो उन्होंने भाषा जरूर अंग्रेजी का प्रयोग किया परंतु कह दिया अगर मैं क्रिश्चन नहीं होता तो मैं सनातन धर्म में ही रहता और विश्व में कहीं रहने का अगर मुझे मौका मिलता तो भारत देश में रहता…यह है बागेश्वर धाम की महिमा जो अंग्रेज हमारी टोपी फेकते थे और हमसे उतरवाते थे आज बागेश्वर बालाजी की कृपा से सनातन धर्म की आराधना कर रहे है…
