भर्ती सत्याग्रह यात्रा: भाजपा विधायक ने अपनी सरकार की कार्रवाई पर उठाए सवाल, सीएम को लिखा पत्र


इंदौर से भोपाल पहुंची बेरोजगार युवाओं की भर्ती सत्याग्रह पैदल यात्रा पर सियासत शुरू हो गई है यात्रा को भोपाल के बाहर रोके जाने को लेकर मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित ठहराते हुए सीएम से अनुरोध किया है कि वे यात्रा के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर उनकी मांगों पर चर्चा करें। 

बता दें कि एमपीपीएससी और एमपी पीईबी की निलंबित भर्तियों को शीर्ष पूर्ण करने समेत अन्य मांगों को लेकर बेरोजगार युवाओं की भर्ती सत्याग्रह यात्रा 9 अक्टूबर को इंदौर से भोपाल पहुंच गई नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (एनईवाययू) के बैनर तले आयोजित बेरोजगार युवाओं की यात्रा को खजूरी सड़क पर ही पुलिस ने रोक लिया है अब उनको आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है पुलिस खजूरी सड़क स्थित शगुन गार्डन से युवाओं को बाहर नहीं आने दे रही है। यहां पुलिस भी तैनात कर दी गई है। इसके विरोध में पीछे आ रहे युवा गार्डन के सामने भी धरने पर बैठ गए और नारेबाजी कर रहे हैं। वहीं, रास्ते में आ रहे युवाओं को पुलिस के रोकने पर नहीं रुकने पर उनको हिरासत में लिया गया। 

मामले में अब मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है उन्होंने इसमें लिखा है कि माननीय आप इन्ही नौजवान भांजे-भांजियों के मामा के रूप में देशभर में विख्यात हैं आप अत्यंत संवेदनशीन मुख्यमंत्री हैं, आपके ही प्रशासन द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों के निराकरण के लिए जारी इस पदयात्रा को रोक दिया जाना अन्याय पूर्ण है धरना, प्रदर्शन, सत्याग्रह, पदयात्रा आदि अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का लोकतांत्रिक माध्यम है शांतिपूर्ण पदयात्रा कर रहे बेरोजगार युवाओं को उनके कार्यक्रम स्थल शाहजहांनी पार्क तक न पहुंचने देना अनुचित है वैसे भी सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं आदि के विभिन्न आंदोलनों को रोकने के दमनकारी प्रशासनिक तरीकों से सरकार की छबि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। आपसे निवेदन है कि मप्र भर्ती सत्याग्रह पैदल यात्रा से संबंधित बेरोजगार युवाओं के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर उनकी मांगों पर चर्चा कर यथासंभव हल किए जाने के निर्देश दें ताकि युवाओं में व्याप्त आक्रोश थम सके। 

बता दें भर्ती सत्यागह यात्रा 21 सितंबर से भोलाराम चौराहे पर स्थित दीनदयाल पार्क से शुरू हुई है। इस यात्रा में लंबे समय से अलग-अलग परीक्षा को लेकर संघर्ष कर रहे युवा शामिल है। इंदौर में सत्याग्रह कर रहे युवाओं की सुनवाई नहीं होने पर वे भोपाल के लिए निकले। युवाओं पीएससी, व्यापमं, शिक्षक, पटवारी, एसआई, कांस्टेबल, एग्रीकल्चर से संबंधित भर्ती कराने और रोके रिजल्ट जारी करने की मांग की है। 

सत्याग्रह यात्रा को पुलिस ने शहर के बाहर रोका -

ओबीसी आरक्षण केस की नियमित सुनवाई शुरू हो और जल्द से जल्द निर्णय के लिए प्रयास किए जाएं।

मध्य प्रदेश पीएससी की 2019 के परिणाम शीघ्र घेषित कर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। इसी तरह राज्य सेवा 2020 मुख्य परीक्षा और 2021 प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित किए जाएं।

राज्य वन सेवा 2019, 2020 और 2021, राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा अतिशीघ्र पूर्ण की जाए।

एमपी पीएससी 2022 की सभी परीक्षाओं के नोटिफिकेशन अतिशीघ्र घोषित किए जाएं।

पीईबी द्वारा सभी बैकलॉग पदों सहित आगामी भर्ती परीक्षा कैलेण्डर जारी किया जाए।

प्रदेश के बिजली, स्वास्थ्य, पुलिस, एनआरएचएम के खाली पदों पर स्थायी नियुक्ति की जाए।

शिक्षक भर्ती वर्ग-1 और वर्ग-2 में पदों की वृद्धि कर द्वितीय काउंसलिंग शुरू की जाए।

एमपीटीईटी वर्ग 3 में पदों की संख्या 51 हजार की जाए।

एमपी कांस्टेबल की 15 प्रतिशत वेटिंग के साथ मेरिट लिस्ट अतिशीघ्र जारी की जाए।

बढ़ाई गई सेवानिवृत्ति आयु को कम कर 58 वर्ष किया जाए।

संविदा नियुक्ति पर पूर्ण रोक लगे, जिससे युवा को स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

वेतन में 70, 80, 90 प्रतिशत का प्रावधान खत्म करके, पूर्व वेतन दिया जाए।

असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां निकाली जाएं।

नार्मलाइजेशन की प्रक्रिया खत्म की जाए।

पीईबी की किसी भी भर्ती में सिलेबस का प्रारूप रिवाइज किया जाए। जैसा पीएससी में है। इसमें एमपी से जुड़े सवालों को बढ़ाया जाए।

एमपी के युवाओं को नौकरी देने के सीएम शिवराज के 2020 के बयान पर आवश्यक कानूनी प्रावधान तैयार कर लागू किया जाए।


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