प्रियंका भार्गव को जूडो प्रतियोगिता में प्रथम स्थान लाने पर मेडल से किया सम्मानित - Kolaras

कोलारस - कोलारस नगर के वार्ड नम्बर 2 के पार्षद एवं आम आदमी पार्टी विधान सभा अध्यक्ष राजकुमार भार्गव की पुत्री एवं चाइल्ड जोन स्कूल की छात्रा कुमारी प्रियंका भार्गव ने शनिवार को आयोजित मध्य प्रदेश स्थापना के अवसर पर 1 नवंबर से 7 नवंबर तक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है जिसमें शनिवार को आयोजित जूडो प्रतियोगिता मैं कुमारी प्रियंका भार्गव ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपना व अपने परिवार सहित स्कूल का किया नाम रोशन।

शनिवार को आयोजित जूडो प्रतियोगिता में चाइल्ड जॉन स्कूल की छात्रा कुमारी प्रियंका भार्गव को प्रथम स्थान लाने पर मेडल पहनाकर एवं प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित।

आइए जानते हैं जूडो खेल के बारे -

जूडो खेलने का क्रीडा क्षेत्र ‘सियाइओ’ कहलाता है| यह एक वर्गाकार प्लाटफार्म होता है, जो भूमि से कुछ ऊंचाई पर होता है| इसकी न्यूनतम लंबाई-चौड़ाई 8X8 मीटर और अधिकतम 10X10 मीटर होती है| प्लाटफार्म के बाहर 7 से.मी. चौड़ा असुरक्षित क्षेत्र होता है| यह क्षेत्र लाल रंग की पट्टी द्वारा दर्शाया जाता है|

खेल शुरू होने से पहले दोनों खिलाड़ी रिंग में आकार दोनों जजों व रेफरी को अभिवादन करते है तथा उसके पश्चात् आपस में कुछ दूरी पर खड़े होकर एक-दूसरे को झुककर अभिवादन करते है| रेफरी द्वारा इशारा करने पर दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे को विभिन्न दांव-पेंचो का प्रयोग करते हुए और आगे-पीछे धकेलते हुए पछाड़ने का प्रयत्न करते है| इस संघर्ष में जब एक खिलाड़ी विपक्षी खिलाड़ी की पकड़ से अपने को मुक्त नहीं करा पाता और हार मान लेता है, तो उसे ‘मट्टा’ कहना पड़ता है| मट्टा का अर्थ-‘मैं हार गया हू’|

जूडो में समय सीमा 3 मिनट से लेकर 20 मिनट तक की होती है| खेल की परिस्थिति को देखकर यह सीमा बढ़ाई भी जा सकती है| समय समाप्त होने पर रेफरी घंटी बजाकर खेल की समाप्ति की घोषणा करता है| इसके साथ ही खेल समाप्त हो जाता है|

इस खेल में प्रायः दो विधिया प्रयोग में लाई जाती है| वे है- नागेवाजा तथा कटामेवाजा -

नागेवाजा – इस विधि से जब एक खिलाड़ी विपक्षी खिलाड़ी के सारे दांव-पेच विफल कर देता है तथा अपना दांव लगाकर विपक्षी खिलाड़ी को पीछे के बल चित्त कर देता है या फिर जब कोई खिलाड़ी अपने विपक्षी खिलाड़ी को अपने दांव के आधार पर अपने कंधो से ऊपर उठाकर जमीन पर पटक देता है|

कटामेवाजा – जब कोई खिलाड़ी अपने प्रतिव्दंव्दी खिलाड़ी को जमीन पर पटक कर अपने दांव में इस प्रकार फंसा लेता है और वह जमीन पर पड़ा हुआ, दो बार जमीन पर हाथ मारकर ‘मट्टा’, अर्थात ‘मैंहार गया हू’ कहता है या फिर एक खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ी को 30 सेकंड तक जमीन पर दबाए रखता है|

गर्दन पकड़ने की विधि या बांह पकड़े जाने की विधि से जब एक खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ी पर हावी हो जाता है, तो विजेता खिलाड़ी को एक ‘इप्पोन’ अर्थात एक अंक दिया जाता है|

जूडो के खेल के लिए तीन निर्णायक नियुक्त किए जाते है- रेफरी तथा दो जज| मैच को रेफरी आयोजित करता है| जूडो का निर्णय दो तिहाई मत से होता है| यदि दो जज रेफरी के निर्णय से सहमत न हो, तो उसका यह निर्णय बदलने के लिए कह सकते है| दो तिहाई निर्णय में एक रेफरी तथा एक जज या फिर दोनों जजों का भी हो सकता है|

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म