वन कर्मियों की मिली भगत से गणेशखेड़ा सब रेंज में पुराने प्लांटेशन के पत्थर नये प्लांटेशन में लगाकर निकाली राशि - Kolaras



कोलारस - कोलारस अनुविभागीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र बदरवास सब रेंज गणेश खेड़ा बीड के ग्राम गणेश खेड़ा में पुराने प्लांटेशन के वृक्षारोपण की दीवल का पत्थर नए प्लांटेशन के लिये किया जा रहा उपयोग और पुराने प्लांटेशन को उझाड़ कर वन भूमि पर अतिक्रमण का कब्जा किया जा रहा है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलारस अनुविभागीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र बदरवास सब रेंज गणेश खेड़ा बीड में वन परिक्षेत्र के रैंजर तथा वन कर्मियों की मिली भगत से ग्राम गणेश खेड़ा में पुराने प्लांटेशन के वृक्षारोपण की दीवल का पत्थर कंपार्टमेंट नंबर 1204 -1205 पीएफ, पुराने प्लांटेशन के वृक्षारोपण की दीवाल का पत्थर उसी से लगे हुए नए प्लांटेशन में वृक्षारोपण (बाजना) पिपरोदा में लगा दिए हैं उक्त पुराने प्लांटेशन की पत्थर की दीवार हटा देने के कारण उक्त प्लांटेशन में लगे हुये पेड़-पौधे तो उजड़े के ही साथ ही नए प्लांटेशन के लिये आया हुआ बजट भी चट किया गया है। 

ग्रामीणों का कहना है - 

जब इस बारे में ग्रीमीणों से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा बताया गया कि जब प्लांटेशन की पत्थर की दीवार को ही वन कर्मियों की मिली भगत से हटाया जा रहा है तथा नए प्लांटेशन के बजट को चट करने के लिये पुरानी प्लांटेशन के पत्थरों को भरकर नए प्लांटेशन की पत्थर की दीवार तैयार की जा रही है जब दीवाल ही नहीं होगी तो पेड़-पौधे से बचेंगे साथ ही जब दीवार नहीं होगी और न पेड़-पौधे होगे तो उक्त वन भूमि पर अतिक्रमण भी तो वन कर्मियों के द्वारा सांठ गांठ कर कराया जायेगा।

दूसरी बात यह है कि जिस वृक्षारोपण की दीवाल का पत्थर चोरी हुआ है वन विभाग के डिप्टी रेंजर की मिलीभगत से कर्मचारियों ने कुछ तो चोरी से उठवा दिया और जो वचा था उसको नये वृक्षारोपण बाजना पिपरोदा की दीवाल बनाने के नाम पर हटाया जा रहा है और दीवाल में लगवा भी दिया गया है जबकि उक्त नए प्लांटेशन के लिये पेड़-पौधों से लेकर दीवाल के लिये बजट पूर्व में ही आ चुका है उक्त बजट को चट करने के लिये पुराने प्लांटेशन को नष्ट किया जा रहा है।

अब बात यह है कि पुराने वृक्षारोपण की दीवाल उठने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अतिक्रमण कर जुताई करने के लिए उस वृक्षारोपण की जमीन के चक्कर काट रहे हैं ग्रामीणों का कहना है की दिवाल ही हटा दी गई तो वृक्षारोपण कहां रहा उक्त वन भूमि पर वन कर्मियों की मद्द से अतिक्रमण का काला खेल जारी है। 


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