कोलारस - कोलारस जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गणेशखेड़ा भ्रष्टाचार की जद में नरेगा योजना अन्तर्गत बनने वाला लगभग 25 लाख लागत का तालाब पुराने तालाब पर ही नवीन तालाब की स्वीकृति करा कर समय से पहले ही तथा मजदूर देखते रह गये मशीनों से बनकर तैयार हुआ तालाब ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलर जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत गणेश खेड़ा भ्रष्टाचार की जद में पुराने तालाब पर ही नवीन तालाब बनाए जा रहे हैं वही हम बात कर रहे हैं गणेश खेड़ा, पहाड़ा के बीच ठाकुर बाबा के पास बने पुराने तालाब पर ही नवीन तालाब जिसका निर्माण कार्य सरपंच सचिव द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से नवीन तालाब समय से पहले ही बनकर तैयार हो गया इस तालाब की लागत 24,90,000रू. है इस तालाब की अभी तक राशि डलना प्रारंभ तक नहीं हुई परंतु धरातल पर पुराने तालाब पर भी नवीन तालाब की स्वीकृत होते ही समय से पूर्वी ही मशीनों बनकर तैयार हो गया यह तालाब मजदूर देखते रहे नरेगा योजना के अंतर्गत बनाया गया बना तालाब इस तालाब का निर्माण कार्य भी मशीनों द्वारा किया गया।
वही हम बात करें आवास योजना की प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्राम पंचायत गणेश खेड़ा का भ्रष्टाचार चरम सीमा पर 10% से लेकर 20 पर्सेंट तक वसूले जा रहे हैं ग्रामीणों से वही एक ही समग्र आईडी एक ही घर मैं 3-3 प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं परसेंटेज का खेल किसी से छुपा नहीं है ग्राम पंचायत गणेश खेड़ा में सरपंच सचिव की मिली जुली भगत से परसेंटेज का खेल जोरों शोरों पर वही मजदूरों से अपनी मजदूरी भी छीनी जा रही है निर्माण कार्य मशीनों द्वारा करा कर मजदूरों को मजदूरी उपलब्ध कराने की वजह उनसे उनकी मजदूरी छीनी जा रही है मजदूरी के पैसे को अपने लोगों के खाते में डलवा कर आसानी से निकाले जा रहे हैं निर्माण एवं जीणउद्धार कार्य धरातल पर मशीनों के द्वारा कराए जा रहे हैं वहीं वही नरेगा योजना के कार्य जो कि मजदूरों द्वारा कराए जाने थे उनको मशीनों द्वारा कराकर मजदूरी का पैसा अपने लोगों के खातों में डालकर आसानी से निकाला जा रहा है अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी सही से निभाते हुए ग्राम पंचायत गणेश खेड़ा के कार्यों की सही से जांच करा लें तो लाखों का गमन निकलेगा।
सरपंच सचिव करते मनमानी, सही से जांच की जाए तो होगा लाखों का घोटाला उजागर
ग्रामीणों का कहना है कि हमारी ग्राम पंचायत गणेश खेड़ा में ना हमारी सरपंच सुनता है ना सचिव साथ ही मनमानी के चलते हमे दर दर भटकना पड़ रहा है अगर हम सचिव के पास जाते है तो वह हमे सरपंच के यह भेज देता है हमारी ग्राम पंचायत में लाड़ली बहना योजना में समग्र आईडी में केवाईसी से लेकर फॉर्म भरने में काफी समस्या का सामना करना पड़ा वही हमे ना तो हमारे प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओ का लाभ समय पर मिल पाता है सरपंच और सचिव द्वारा अधिकारियों की मिली भगत से पुराने तालाब पर ही नवीन तालाब मंजूर करा लिया गया है और राशि डालने से पहले ही तालाब को मशीनों से बना कर तैयार कर दिया गया है ना हमें रोजगार उपलब्ध कराया गया बल्कि हमारे हक की राशि को अपने लोगों के खाते में डलवा कर निकल लिया जाता है एसे लोगो के खाते लगाए जाते है जिनका मजदूरी से दूर दूर तक कोई नाता नहीं है भाजपा सरकार के होते हुआ हम मजदूरों का हक छीना जा रहा है।