साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के आला नेताओं ने प्रदेश में दौरे और सभाओं की रफ्तार बढ़ाने का फैसला लिया है। ऐसे में अब पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी एक बार फिर मध्यप्रदेश में हुंकार भरती हुई नजर आएंगी। पार्टी के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 22 जुलाई को प्रियंका गांधी का ग्वालियर दौरा प्रस्तावित है, जिसके लिए पार्टी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने अमर उजाला को बताया कि प्रियंका गांधी का ग्वालियर आना तय हो गया है लेकिन उनके आगमन की तारीख पर अंतिम मुहर लगना बाकी है। सब कुछ ठीक रहेगा तो 22 जुलाई को ही प्रियंका गांधी ग्वालियर में सभा को संबोधित करेंगी।
तोमर-सिंधिया के गढ़ में गरजेंगी प्रियंका
2018 के विधानसभा चुनावों में मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान बनाम ज्योतिरादित्य सिंधिया का मुकाबला था। लेकिन बाद में सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। अब कांग्रेस अपने पुराने जनाधार को बनाए रखने के लिए फिर से इस क्षेत्र में प्रियंका गांधी की सभा करने जा रही है। पार्टी को उम्मीद है कि ग्वालियर-चंबल अंचल में प्रियंका गांधी की सभा का सियासी फायदा आने वाले विधानसभा चुनाव में होना तय है। क्योंकि इस क्षेत्र के लोग सिंधिया के पार्टी बदलने के फैसले से नाखुश हैं। वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का भी ग्वालियर से गहरा नाता है। लिहाजा कांग्रेस सोची समझी रणनीति के तहत तोमर-सिंधिया के किले में सेंध लगाने के लिए प्रियंका की रैली करने जा रही है।
महाकौशल से चुनावी अभियान की प्रियंका ने की शुरुआत
कांग्रेस पार्टी महाकौशल की 38 सीटों पर फोकस करने के बाद अब ग्वालियर-चंबल की 34 सीटों को निशाना बनाया है। इसके बाद प्रियंका विंध्य में चुनावी सभा को संबोधित करेंगी। इस क्षेत्र में करीब 30 विधानसभा सीटें आती हैं। प्रियंका गांधी ने प्रदेश के महाकौशल अंचल से चुनावी शंखनाद किया था। 12 जून को उन्होंने संस्कारधानी जबलपुर से कांग्रेस के चुनाव अभियान की विधिवत शुरुआत करते हुए प्रदेश की जनता को कांग्रेस सरकार बनने पर पांच कामों की गारंटी दी थी। इनमें बिजली बिल, किसान कर्जमाफी, एलपीजी सिलेंडर 500 रूपये में देने और हर महिला को 1500 रुपये प्रति माह देने जैसी घोषणाएं शामिल हैं।