गुरु का संग मिला होता तो आज अपराधी न बनते - योगाचार्य स्वामी श्यामदेव
कोलारस - विगत दिवस कोलारस उप जेल में योग प्राण विद्या ध्यान शिविर का आयोजन जेलर फहीम खान के सहयोग से संपन्न हुआ ध्यान शिविर में योगाचार्य स्वामी श्यामदेव द्वारा योगासन नेचुरल शुभारंभ गुरु वंदना से किया गया उसके बाद सूक्ष्म व्यायाम कराया गया साथ ही प्राकृतिक स्वसन कराया गया तत्पश्चात पृथ्वी शांति ज्ञान कराया गया उसी के साथ क्षमा प्रार्थना कराई गई।
योगाचार्य स्वामी श्यामदेव ने बताया की जीवन में यदि गुरु का समावेश होता तो आज आप यह अपराधी बनकर सुधार गृह में न आते अपने जीवन में गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है गुरु ही आपको सत मार्ग पर चलाते हैं और सच्ची रहा दिखाते हैं।
एक मृत्यु कारक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए स्वामी जी ने बताया की जिस व्यक्ति की मृत्यु कारित कर दी गई है उसके घर में उसकी पत्नी बच्चे एवं माता-पिता सभी होंगे अब उनके घर का मुखिया तो है नहीं तो सभी लोग अपने-अपने हिसाब से व्यवस्थित हो गए होंगे आप मृत्यु कारित कर्म करके आए हो आपके घर में भी सभी लोग होंगे क्या आप अपनी पत्नी के साथ बैठकर के खाना खा सकते हैं अपने बच्चों की फीस भरने के लिए जा सकते हैं, उनके साथ खेल सकते हैं, क्या आप अपने माता-पिता की सेवा कर सकते हैं यदि यह सब नहीं कर सकते तो आप जब-जब अपने बच्चों को अपनी पत्नी को अपने माता-पिता को याद करते होंगे तब तब पल पल मरते होंगे तो सोचिए जरा यदि आपने क्रोध में आकर के यह मृत्यु कारित नहीं की होती तो आज आप सुधार गृह में ना हो करके अपने परिवार के बीच होते, आप जब-जब अपने परिवार को याद करते होंगे तब तब आप मरते होंगे इसलिए आज आप एक जिंदा लाश के अलावा कुछ भी नहीं है यदि आप किसी गुरु के साथ सत्संग करते तो आज आपको यह अवसर देखने का मौका नहीं मिलता, इसलिए हम कहते हैं कि आप अपने जीवन में अच्छे गुरु का वरण करें और अपने जीवन को धन्य करें ,साथ ही स्वामी जी ने कहा की आप अभी तक जो अपराध करके यहां आ गए हैं तो आगे बदले की भावना ना रखें, यहां से जब आप छूट करके वापस अपने समाज में परिवार में जाएं तो बदले की भावना से न जाए वहां जाकर अपने आप को व्यवस्थित करें सबसे क्षमा मांगे और अपने आप से क्षमा मांगे और एक अच्छे व्यक्ति का जीवन जीना शुरू करें, माना कि शुरू में कुछ कठिनाइयां हो सकती हैं किंतु समय धीरे-धीरे आपको अपने पथ पर अग्रसर कर देगा और वही समाज आपको जो आज हेय दृष्टि से देख रहा है वही समाज आपसे प्रेम करने लगेगा आप इस जीवन में जो करने आए हैं उस उद्देश्य का पता लगाओ अपने आप को खोजो कि मैं कौन हूं और किस लिए आया हूं क्या मुझे करना है और कहां मुझे जाना है, अपने आप को खोजना शुरू करो तब आप पाएंगे कि आप क्या है, और जब आप यह जान जाएंगे कि आप क्या हैं तो जीवन का असली उद्देश्य पता लगेगा तब आप समाज में प्रतिस्थापित हो पाएंगे आइये आज हम यह शपथ लेते हैं कि हम जीवन में कोई भी बुरा कार्य नहीं करेंगे बुरा कार्य करने की तो बात दूसरी हम बुरा सोचेंगे भी नहीं और हमेशा एक दूसरे की सहायता करके जीवन में आगे बढ़ेंगे और इस बात की सूचना देने के लिए हम अपने गुरु को भी मिलेंगे और बताएंगे कि हम अब बदल चुके हैं हमारा जीवन अब और अच्छा हो गया है हम जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे पाखंड अंधविश्वास ढोंग आदि पर विश्वास नहीं करेंगे और नशा मुक्त जीवन जिएंगे हम यदि नशा भी करेंगे तो केवल एक ही बात का करेंगे कि हम किसी असहाय की सहायता कर सकें और प्रभु की भक्ति कर सकें अपने पुरुषार्थ से अपने परिवार का लालन-पालन करेंगे और सभी समाज बंधुओ का सहयोग करते हुए अपने जीवन की गाड़ी को आगे बढ़ाएंगे,आज हम संकल्पित हैं और सुधार ग्रह से निकलते ही हम अपना जीवन व्यवस्थित तरीके से जिएंगे। योगाचार्य स्वामी श्याम देव के अलावा इस शिविर में राजू नामदेव, जेलर फहीम खान एवं जेल का समस्त स्टाफ, सभी बंदी जन मौजूद रहे सभी ने मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य लाभ लिया।
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