कलियुग में मुक्ति का सबसे उत्तम साधन हैं भागवत कथा - व्‍यास बृजभूषण महाराज - Shivpuri



शिवपुरी - शिवपुरी विष्णु मंदिर के समीप मोहन नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर श्री रुक्मणी कृष्ण विवाह महोत्सव के पावन प्रसंग पर राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित श्री बृजभूषण महाराज जी ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा कलयुग में मुक्ति पाने का सबसे उत्तम साधन है क्योंकि भगवान की कथा शास्त्रों में सबसे बड़ी भक्ति कही गई है।



इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए अगर हो सके तो सातों दिनों तक विधि के साथ में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए अगर अपने जीवन काल में भगवान समय दे तो मनुष्य को अपने पितरों के कल्याण के लिए एवं अपने कल्याण के लिए भी श्रीमद् भागवत कथा का अनुष्ठान अवश्य करवाना चाहिए इससे की परलोक सुधरता है और संसार भी उस मनुष्य की प्रशंसा करता है ,आचार्य जी ने कथा के प्रसंग में सुंदर रासलीला का प्रसंग सुनाया और बताया की रासलीला एक भगवान की बहुत ही मधुर एवं समस्त गोपियों को प्रसन्न करने के लिए संतो को प्रसन्न करने के लिए एवं अपने भक्तों को प्रसन्न करने के लिए की गई एक अलौकिक लीला है।

जिसको की सुनकर के एवं गाकर के हम अपने जीवन में आनंद की अनुभूति करते हैं एवं भगवान के भक्ति रस की महिमा का आस्वादन करते हैं महाराज जी ने कथा के अंत में सुंदर श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया और बताया कि मां रुक्मणी साक्षात लक्ष्मी जी हैं और लक्ष्मी जी का विवाह नारायण के अलावा किसी और से नहीं होता इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने जाकर के रुक्मणी जी का हरण किया एवं उनसे विवाह संपन्न किया इस कथा का आयोजन 6 फरवरी तक किया जाएगा कथा मुख्य यजमान श्री शांतिलाल गुप्ता जी एवं संपूर्ण परिवारजन है कथा का समय 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रखा गया है।

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