कोलारस - होली का पर्व आ गया है, होली पर्व से पूर्व हमें पर्यावरण की रक्षा एवं आस-पास के वातावरण को दूषित होने से रोकने हेतु हमें यह सुनिश्चित करना चाहिये की हम होलिका दहन गोबर के कंड़ों/उपले से ही करें। अन्य कोई भी सामग्री जैसे- लकडी़, रवड़, पॉलिथिन, प्लास्टि होली में जलायें न जलाने दें। क्यों कि इनसे निकले वाला हानीकरक धूंआ हमारी सेहत को प्रभावित करता है, और इसके जलने की गंद की आस-पास का पर्यावरण प्रदूषित होता है।
रंगों के पावन पर्व होली से पहले नगर परिषद कोलारस के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नागरिकों से महत्वपूर्ण अपील की है उन्होंने कहा है कि होलिका दहन केवल गोबर के कंडों/उपलों से ही किया जाए, ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
सीएमओ ने बताया कि होलिका दहन में लकड़ी, रबर, पॉलिथिन और प्लास्टिक जैसी सामग्री जलाने से जहरीला धुआं निकलता है, जो वातावरण को दूषित करने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालता है।
इससे सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं और आसपास की हवा जहरीली हो सकती है उन्होंने नगरवासियों से आग्रह किया कि वे परंपरा का पालन करते हुए पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं गोबर के उपलों से किया गया होलिका दहन न केवल धार्मिक दृष्टि से उचित है, बल्कि यह कम धुआं उत्पन्न करता है और वातावरण को कम नुकसान पहुंचाता है।
नगर परिषद ने सभी सामाजिक संगठनों और वार्डवासियों से सहयोग की अपील की है, ताकि इस बार की होली स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी तरीके से मनाई जा सके। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद कोलारस द्वारा नगरीय क्षेत्र के निवासियों से विनंम्र अपील की है कि होलिका दहन में केवल गोबर के कंड़ों/उपले का ही उपयोग करें नगर के पर्यावरण को सुरक्षित रखें।
Tags
Kolaras