बड़ी खबर मध्य प्रदेश - मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया गया है।
हल्की रामनिवास रावत अभी नहीं बने विजयपुर विधायक हाईकोर्ट ने जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 116 (बी) में सुनवाई करते हुए 15 दिनों के लिए फैंसले पर लगाई रोक, मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने दी 15 दिनों की मोहलत, अभी फिलहाल 15 दिनों तक तो मुकेश मल्होत्रा ही कहलाएंगे विधायक, यदि विधायक मल्होत्रा समय सीमा में याचिका लगाते हैं तो उपचुनाव का आगामी भविष्य सुप्रीम कोर्ट कर सकता है तय।
बता दें कि पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने याचिका दायर की थी इस याचिका में मुकेश मल्होत्रा पर चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकार्ड की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया था इसमें कहा गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने उपचुनाव के दौरान जो नामांकन दाखिल किया था, उसमें अपने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई गई। मल्होत्रा पर 6 आपराधिक मामले दर्ज थे जबकि उन्होंने नामांकन में केवल 2 मामले ही बताए।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छिपाने को सही माना हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने आदेश देते हुए मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया भाजपा के प्रत्याशी रहे रामनिवास रावत को दूसरे नंबर पर रहने पर विजयपुर से विधायक घोषित किया गया है।
हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट एमपीएस रघुवंशी ने बताया है कि रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ने 2024 के उपचुनाव नॉमिनेशन में अपने खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस की पूरी जानकारी नहीं दी थी।
मुकेश ने सिर्फ दो क्रिमिनल रिकॉर्ड बताए थे, जबकि 4 केस छिपाए थे याचिका में रावत ने मल्होत्रा के खिलाफ दर्ज सभी 6 क्रिमिनल केस की जानकारी दी थी कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रामनिवास रावत उपचुनाव में दूसरे नंबर पर आए थे, इसलिए मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द किया जाता है साथ ही रावत को विजयपुर का MLA घोषित किया जाता है।
जानकारी के अनुसार कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्याशी द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी देना बहुत जरूरी है। इससे मतदाता को उम्मीदवार के बारे में सही जानकारी मिलती है, ताकि इसके आधार पर वे निर्णय ले सकें। मुकेश मल्होत्रा ने दो लंबित आपराधिक मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाई और आरोपों की प्रकृति भी गलत बताई। अदालत के अनुसार यह आचरण मतदाताओं को गुमराह करने वाला है। वहीं मुकेश मल्होत्रा ने कार्यकाल शून्य घोषित किए जाने के बाद कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे।
कांग्रेस नेता और वकील विवेक तन्खा ने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे हमने कोर्ट से निवेदन किया है कि सिर्फ कुछ जानकारी गलत दी गई, इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव में धांधली हुई थी हमें भरोसा है कि मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलेगी।
उपचुनाव में 7364 मतों से जीते मुकेश
विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव हुए थे यहां से विधायक रामनिवास रावत ने कांग्रेस छोड़ने के बाद विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था उसके बाद उपचुनाव में भाजपा ने रामनिवास रावत को प्रत्याशी बनाया था वहीं कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा पर दांव खेला था पर चुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था।
कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा 7364 मतों से चुनाव जीत गए थे इसके बाद रावत ने मुकेश पर गलत हलफनामा पेश करने का आरोप लगाकर कोर्ट की शरण ली थी।
मुकेश ने छोड़ी थी भाजपा
बता दें कि ंपूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली थी। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में भाजपा में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था।