शिवपुरी - मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में 01 अप्रैल 2026 से उर्वरकों के विक्रय की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है अब जिले में भी शत-प्रतिशत उर्वरकों का विक्रय अनिवार्य रूप से ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही किया जाना है यदि कोई भी विक्रेता बिना ई विकास प्रणाली के (ऑफलाइन) उर्वरक विक्रय करता हुआ पाया जाता है, तो तत्काल उसका लायसेंस निरस्त किया जायेगा।
नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुये उप संचालक कृषि पान सिंह कारोरिया द्वारा ई-विकास प्रणाली का पालन न करने वाले 08 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित एवं 02 के लायसेंस निरस्त किये गये इसके अलावा जिले की 04 सहकारी समितियों के लायसेंस भी निलंबित किये गये।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवपुरी एवं उपसंचालक कृषि के द्वारा जिले के समस्त उर्वरक विक्रेताओं को कडी चेतावनी दी गयी है कि किसी भी स्थिति में ऑफलाइन विक्रय स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी भी उर्वरक विक्रेता के द्वारा ऑफलाईन उर्वरक का विक्रय किया जाता है तो उसका लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ उसके विरूद्ध एफआईआर की कार्यवाही भी की जाएगी।
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