ग्रेटर नोएडा के दनकौर स्थित नवादा गांव में दो बेटों की शादी की खुशी में डीजे बजाना एक परिवार को महंगा पड़ गया। डीजे बजाने के कारण मंगलवार को परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया और पूरे गांव में ढ़ोल बजाकर मुनादी कराई गई। पंचायत ने मुनादी कराकर परिवार के बहिष्कार की सूचना पूरे गांव को दी, जिसके बाद यह मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस वजह से डीजे बजाने पर बैन
गांव नवादा में करीब डेढ़ महीने पहले पंचायत बुलाई गई थी। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि गांव में शादी समारोहों के दौरान डीजे नहीं बजाया जाएगा। पंचायत का मानना है कि डीजे के कारण ध्वनि प्रदूषण होता है और गांव की सामाजिक व्यवस्था व परंपराएं प्रभावित होती हैं। इसके अलावा बुजुर्ग, दिल की बीमारी से परेशान मरीज और पढ़ने वाले छात्रों को परेशानी भी होती है। इन्हीं सब कारणों को देखते हुए सामूहिक सहमति से डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया था।
राजीव पंचायत के फैसले को किया नजर अंदाज
इसके बावजूद गांव निवासी राजीव नागर ने पंचायत के फैसले को नजरअंदाज किया। सोमवार रात को उनके दो बेटों की शादी थी। घुड़चढ़ी और बरात की चढ़त के दौरान उन्होंने जमकर डीजे बजवाया। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। मामले को लेकर मंगलवार को दोबारा पंचायत बुलाई गई, जिसमें पूर्व प्रधानाचार्य नरपत नागर, ग्राम प्रधान राजे सिंह नागर समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
गांव के लोग परिवार से नहीं रखेंगे संबंध
पंचायत में कई घंटे चर्चा होने के बाद बहिष्कार का निर्णय लिया गया। पंचायत में बताया गया कि सामूहिक रूप से एक नियम बनाया था तो उसका पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। पंचायत के निर्णय की खुली अवहेलना गांव की एकता और सामाजिक अनुशासन के खिलाफ है। पंचायत ने सर्वसम्मति से राजीव नागर और परिवार के सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया।