भाजपा सरकार के राज्य में विधानसभा कोलारस क्षेत्रांतर्गत आने वाले ग्राम छीपोल का मामला है जहां गरीब आदिवासी वर्ग के लोग नदी का पानी पीने को मजबूर
चन्दन सिंह धाकड शिवपुरी की रिपोर्ट - मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पी.एच.ई विभाग एवं जल निगम के अधिकारियों द्वारा शिवपुरी जिले की समस्त ग्राम पंचायतों के एवं समस्त गांवो में निवास करने वाले ग्रामवासियों को स्वच्छ पानी घर-घर पहुंचाने के नाम पर सरकार तरह-तरह की योजनाऐं चलाकर सरकार करोडो-अरबों रूपये की राशि पानी की तरह बहा रही है जैसे मुख्यमंत्री पेयजल योजना, हैण्डपम्प लगाना, मडीखेडा डैम से पानी लाना और कई योजनाऐं मात्र कागजों में ही चल रही है उक्त योजनाऐं को धरातल पर देखा जाये तो नतीजा बिल और फर्जीबाडा नजर आयेगा।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है शिवपुरी जिले की जनपद पंचायत कोलारस के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कोटानाका के ग्रामवासियों ने चम्बल भास्कर को बताया है। हम समस्त ग्रामवासी ग्राम छीपोल के आदिवासी परिवार कई वर्षो नदी का पानी पी रहे है। हम इस नदी के पानी से खेतीबाडी करते है, इस नदी में ही नहाते है। उक्त नदी का दूषित पानी होने से बिमारियों का खतरा बना हुआ है। यही हाल उक्त ग्राम पंचायत अटारा, मडीखेडा, खोंकर, डहरवारा आदि का है। मुख्यमंत्री पेयजल योजना की समस्त नल-जल योजनाऐं लगभग 10 वर्ष से पूर्णतः बंद पडी है।
गरीब आदिवासियों का कहना -
उक्त योजना संबंधी शिकायत रविन्द्र कुमार चैधरी जिलाधीश जिला शिवपुरी से कर दी है परंतु आज दिनांक तक पी.एच.ई. विभाग द्वारा अपने संज्ञान में नहीं लिया गया है ग्राम छीपोल के समस्त आदिवासी परिवार माननीय मुख्यमंत्री जी डाॅ. मोहन यादव जी से मांग करते है कि भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल योजनाओं को चालू कराने की कृपा करें।