शिवपुरी - शिवपुरी के समीप स्थित ग्राम चंदनपुरा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता आचार्य श्री बृजभूषण जी महाराज ने बताया कि भगवान की निस्वार्थ भक्ति शास्त्रों में परम कल्याण कारक मानी गई है एवं मुक्ति का सबसे बड़ा उपाय माना गया है हम लोग क्या करते हैं कि संसार में भगवान का पूजन तो करते हैं भगवान की भक्ति भी करते हैं लेकिन हम मनोकामना रख करके एवं भगवान से कुछ आशा रख करके उनकी भक्ति करते हैं जबकि भगवान तो अंतर्यामी है भगवान तो घट-घट की जानने वाले हैं अगर हम भगवान से नहीं मांगेंगे फिर भी भगवान हमारे लिए वह वस्तु अपने आप प्रदान कर देंगे इसलिए भगवान की भक्ति निस्वार्थ भाव से करना चाहिए यह भक्ति जो है संसार में संपूर्ण भोग प्रदान करती है और अंत में मोक्ष भी प्रदान करती है।
आचार्य जी ने सुंदर कथा के प्रसंग में कथा के अंत में सुंदर शिव विवाह करवाया गया और सुंदर झांकी का दर्शन कराया गया आचार्य जी ने बताया कि भगवान शंकर पार्वती जगत के माता-पिता है एवं जगत का कल्याण करने के लिए भगवान ने यह अवतार लिया है महाराज जी ने बताया कि भागवत कथा जीवन का कल्याण करती है इसलिए मन लगाकर कथा श्रवण करना चाहिए महाराज जी ने सुंदर भगवान के अवतारों का वर्णन सुनाया और बताया कि भगवान के अवतार जो है।
नाना रूप में होते हैं और मनुष्य उनको सुनकर के उनकी लीला सुनकर के अपना कल्याण करता है जब धरती पर संकट बढ़ता है अपराध बढ़ जाता है तो भगवान नाना रूप लेकर के पृथ्वी पर आते हैं और भक्तों का कल्याण करते है इस कथा का आयोजन 25 मई से 1 जून तक रखा गया है कथा का समय 2:00 बजे शाम 6:00 बजे तक है।
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