पुनर्विकसित भोपाल मंडल के साँची, विदिशा, अशोकनगर एवं शिवपुरी रेलवे स्टेशनों का 17 जुलाई को होगा उद्घाटन - Bhopal



प्रधानमंत्री करेंगे वर्चुअल उद्घाटन, यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं; स्टेशन परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जनप्रतिनिधियों की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति


भोपाल - पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के साँची, विदिशा, अशोकनगर एवं शिवपुरी जैसे चार प्रमुख रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप में विकसित होकर यात्रियों की सेवा के लिए तैयार है आधुनिक वास्तुशिल्प, अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं तथा दिव्यांगजन अनुकूल अधोसंरचना से सुसज्जित यह स्टेशन अब क्षेत्र के विकास, पर्यटन एवं आधुनिक भारतीय रेलवे की नई पहचान के रूप में स्थापित होगा।


पुनर्विकसित साँची, विदिशा, अशोकनगर एवं शिवपुरी रेलवे स्टेशन परिसर में 17 जुलाई 2026 को आयोजित समारोह में दोपहर 2:00 बजे से सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी, यात्रीगण, जनसमूह एवं रेलवे अधिकारी उपस्थित रहेंगे कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण एवं शार्ट फिल्म प्रदर्शन भी किया जाएगा तत्पश्चात माननीय प्रधानमंत्री द्वारा अपराह्न 3:40 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण किया जाएगा।


प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर के 75 पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे 20 राज्यों में फैले 75 अमृत स्टेशनों का उद्घाटन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो विश्व के सबसे बड़े स्टेशन पुनर्निर्माण कार्यक्रमों में से एक है लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इन स्टेशनों को आधुनिक और यात्री-अनुकूल सुविधाओं में बदला गया है 'विरासत भी, विकास भी' की भावना से पुनर्निर्मित इन स्टेशनों में स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला को दर्शाने वाले तत्व शामिल किए गए हैं। 


मध्यप्रदेश के कुल 13 स्टेशन है जिसमें पश्चिम मध्य रेलवे के कुल 6 स्टेशन है एवं भोपाल मंडल के अधीन साँची, विदिशा, अशोकनगर एवं शिवपुरी जैसे चार प्रमुख रेलवे स्टेशन शामिल है। इन प्रमुख चारों रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की लागत से किया गया है। 


स्टेशन का पुनर्विकास स्थानीय संस्कृति तथा आधुनिक वास्तुशिल्प के समन्वय को केंद्र में रखकर किया गया है। इस नई अवधारणा ने स्टेशन को एक विशिष्ट, आकर्षक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की है, जो आगंतुकों के लिए प्रथम दृष्टि में ही क्षेत्र की ऐतिहासिक गरिमा का परिचय कराती है।


पुनर्विकास के अंतर्गत स्टेशन भवन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करते हुए यात्री सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। प्लेटफॉर्मों पर नए एवं विस्तृत शेड, आरामदायक आधुनिक बैठने की व्यवस्था तथा उच्च गुणवत्ता वाली प्लेटफॉर्म सतह विकसित की गई है। यात्रियों को त्वरित एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड तथा अत्याधुनिक पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी स्मार्ट सुविधाएँ स्थापित की गई हैं।


स्टेशन परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया का सुव्यवस्थित विकास एवं सौंदर्यीकरण किया गया है। पार्किंग व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक एवं व्यवस्थित बनाया गया है। इसके अतिरिक्त स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय, उन्नत प्रतीक्षालय, शुद्ध पेयजल, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक यात्री सुविधाओं का विस्तार कर यात्रा अनुभव को अधिक सुरक्षित, सहज और आरामदायक बनाया गया है।

सुगम एवं समावेशी रेल यात्रा की अवधारणा को साकार करते हुए स्टेशन को पूर्णतः दिव्यांगजन अनुकूल विकसित किया गया है इसके अंतर्गत रैंप, टैक्टाइल पाथ, सुगम आवागमन हेतु आवश्यक अवसंरचना तथा अन्य सहायक सुविधाएँ विकसित की गई हैं साथ ही ऊर्जा दक्ष एलईडी प्रकाश व्यवस्था स्थापित कर स्टेशन परिसर एवं प्लेटफॉर्मों को अधिक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल बनाया गया है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक यात्री सुविधाओं, सांस्कृतिक पहचान और विश्वस्तरीय अवसंरचना से सुसज्जित यह स्टेशन अब केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि विश्व धरोहर का आधुनिक प्रवेश द्वार बनकर उभरा है। यह स्टेशन पर्यटकों के स्वागत का एक भव्य केंद्र बनने के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह उद्घाटन समारोह मध्यप्रदेश एवं भोपाल मंडल के लिए एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण अवसर होगा।

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