कलेक्टर के निर्देशन में 5 जेसीबी, पुलिस-वन-राजस्व की संयुक्त कार्रवाई, 120 बीघा वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त - Guna

पुनः होगा वृक्षारोपण एवं वन स्थापना

मध्यप्रदेश के गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन में जिले में शासकीय वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के विशेष अभियान के तहत सोमवार को वन परिक्षेत्र मकसूदनगढ़ के बीट खेरखेड़ा स्थित कक्ष क्रमांक 780 की लगभग 120 बीघा शासकीय वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया एसडीएम राघौगढ़ अमित सोनी के नेतृत्व में वन, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने पांच जेसीबी मशीनों की सहायता से कार्रवाई करते हुए लगभग 100 अतिक्रमणकारियों के कब्जे से भूमि खाली कराई प्रशासन ने बताया कि अब इस भूमि पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं पुनः वन स्थापना का कार्य किया जाएगा।

वर्ष 2023 में हुई थी बेदखली की कार्रवाई -

वन विभाग के अनुसार उक्त भूमि पर वर्ष 2023 में 11 अतिक्रमणकारियों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था। उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करते हुए बेदखली की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बावजूद भूमि को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया।

संयुक्त बल की मौजूदगी में सफल रही कार्रवाई -

कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल तथा वनमण्डलाधिकारी अक्षय राठौर के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान में लगभग 100 वनकर्मी, 80 पुलिस जवान तथा 15 प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई। मौके पर उपवन मंडल अधिकारी श्री इंदर सिंह धाकड़, तहसीलदार मकसूदनगढ़ डॉ. उदय सिंह जाटव, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कमल सिंह कोली, रेंजर मकसूदनगढ़ धर्मेन्द्र शर्मा, रेंजर बीनागंज सौरभ द्विवेदी, थाना प्रभारी जामनेर मनोज मेहरा एवं चौकी प्रभारी उकावद रवि भिलाला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विरोध के प्रयास रहे विफल -
कार्रवाई के दौरान कुछ अतिक्रमणकारियों ने गोफन, लाठी एवं डंडों के माध्यम से व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था एवं संयुक्त बल की प्रभावी मौजूदगी के कारण किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। प्रशासन की सख्ती के चलते अतिक्रमणकारी मौके से भाग गए और अभियान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई रहेगी जारी -

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय एवं वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा विधि के शासन को सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

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