अकोदा में मशीन पर अंगूठा लगवाकर राशन न देने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप, कोलारस एसडीएम से की सेल्समैन को हटाने की मांग - Kolaras

 

तीन महीने से राशन नहीं मिलने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा,  एसडीएम अनूप श्रीवास्‍तव को सौपा ज्ञापन


​सर्वेश राजपूत कोलारस - शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के अंतर्गत आने वाली अकोदा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान के सेल्समैन पर गंभीर और बड़े आरोप लगाए हैं ग्रामीणों का कहना है कि सेल्समैन पिछले तीन महीने से लगातार राशन का वितरण रोक कर बैठा है इसी बात से आक्रोशित होकर मंगलवार को सरपंच भानु प्रकाश लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कोलारस एसडीएम कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और जल्द कार्रवाई की मांग की।


​अंगूठा लगवाने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे ग्रामीण

​ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अकोदा वनउपज सहकारी समिति रन्नौद के तहत संचालित इस उचित मूल्य की दुकान पर पदस्थ सेल्समैन गोलू लोधी पात्र हितग्राहियों को उनका हक नहीं दे रहा है लोगों का कहना है कि जब वे राशन लेने दुकान पहुंचते हैं तो ई-पॉ मशीन पर उनका अंगूठा तो लगवा लिया जाता है लेकिन बदले में राशन की एक यूनिट भी नहीं दी जाती दुकान पर हमेशा "राशन नहीं आया है" का बहाना बनाकर उन्हें बैरंग लौटा दिया जाता है इतना ही नहीं, सेल्समैन द्वारा ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने और बेधड़क शिकायत करने की चुनौती देने की बात भी सामने आई है।


​किसी भी हितग्राही को नहीं मिला तीन माह से अनाज

​ग्रामीण सीताराम ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पिछले तीन महीनों से गांव के किसी भी पात्र हितग्राही को सरकारी राशन नसीब नहीं हुआ है जब भी ग्रामीण दुकान का चक्कर काटते हैं तो उन्हें हर बार राशन उपलब्ध न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है।

​अकोदा पंचायत के सरपंच भानु प्रकाश लोधी ने बताया कि गांव के लोग रोजाना राशन न मिलने की शिकायत लेकर उनके पास आ रहे थे स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान न होने पर आखिरकार सभी ग्रामीणों को साथ लेकर एसडीएम के समक्ष गुहार लगानी पड़ी।


​एसडीएम ने दिया जांच और कार्रवाई का भरोसा

​सरपंच के मुताबिक,कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने दो दिन के भीतर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपी सेल्समैन को तत्काल हटाने और सभी हितग्राहियों को उनके तीन महीने का लंबित राशन उपलब्ध कराने का कड़ा आश्वासन दिया है वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय यानी चार दिन के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे जोरदार आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

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