किसान पंजीयन में फर्जीवाड़ा की जांच के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर पर एफआईआर दर्ज - Shivpuri



अन्नदाताओं से धोखाधड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे- कलेक्टर अर्पित वर्मा


शिवपुरी - विकासखंड करैरा में तहसीलदार की लॉगिन आईडी का अनाधिकृत उपयोग कर नियम विरुद्ध किसान पंजीयन सत्यापन करने और खाद के फर्जी ई-टोकन जनरेट करने के गंभीर मामले में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने त्वरित कार्रवाई की है।


कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर गठित जांच दल, जिसमें उप संचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य, नोडल अधिकारी व एसडीएम अनुपम शर्मा,  करैरा तहसीलदार ललित शर्मा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फूल सिंह हिंडोलिया सहित क्षेत्रीय पटवारी और कृषि विस्तार अधिकारी ने गत दिवस ग्राम वीरा में औचक निरीक्षण किया। 


निरीक्षण के दौरान करैरा तहसील कार्यालय का कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मवीर लोधी अपने निवास पर उपस्थित नहीं मिला। प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ कि ऑपरेटर ने तहसीलदार की आईडी से अवैध रूप से किसान पंजीयन सत्यापित कर ई-टोकन जनरेट किए थे।


जांच के दौरान यह गंभीर गड़बड़ी भी सामने आई कि ई-टोकन में संबंधित किसानों के गांव के नाम फर्जी दर्शाए गए थे, जबकि वे सभी वास्तव में ग्राम वीरा के निवासी हैं। 

जांच टीम ने मामले से जुड़े सोनू ओझा, छोटू ओझा, महेश कोली, यशवंत लोधी एवं सेतू लोधी के संबंध में भी पड़ताल की, जो मौके से फरार पाए गए। मौके पर उपस्थित परिजनों के बयान दर्ज कर पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें परिजनों ने खाद का उपयोग खेत में कर लेना बताया, हालांकि स्थल पर खाद की कोई मात्रा बरामद नहीं हुई। 

इस मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मवीर लोधी के विरुद्ध तत्काल पुलिस प्राथमिक दर्ज करा दी गई है। 

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कड़े निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि अन्नदाताओं के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और इस फर्जीवाड़े में शामिल संदिग्ध किसानों के खिलाफ भी कड़ी  कानूनी कार्रवाई की जाएगी है।

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