मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा सीट के लिये उपचुनाव की तैयारियां जारी है आगामी 30 जुलाई को दतिया विधानसभा सीट के लिये मतदान होना है भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा कहीं चुनाव जीतकर बड़े पद की मांग न कर सके इसके चलते भाजपा ने सर्वे में उनकी रिपोर्ट खराब बताकर टिकिट नरोत्तम मिश्रा की जगह असुतोष तिवारी को भले ही दे दिया हो किन्तु दादा के समर्थक, व्यापारी, ब्राह्राण समाज के लोग भी असुतोष तिवारी के टिकिट को दादा की राजनिति खत्म करने वाला टिकिट बता रहे है दादा समर्थको का कहना है कि यदि असुतोष तिवारी दतिया विधानसभा से चुनाव जीतते है तो दादा की राजनिति पर अनूप मिश्रा की तरह लम्बा विराम लग जायेगा।
समर्थकों ने कहा सिंधिया की तरह दिखाओ दम बरना अनूप की तरह बैठना पड़ेगा घर - दतिया विधानसभा सीट में नरोत्तम मिश्रा के कट्टर समर्थको की संख्या करीब 10-15 हजार के बीच दतिया के लोग बता रहे है जोकि नरोत्तम मिश्रा के एक इसारे पर कही भी मतदान करने के लिये तैयार है ऐसे ही कुछ समर्थको से जब मीडिया ने सबाल किया तो उन्होंने कहा कि दादा को सिंधिया की तरह अपनी दम दिखाने का समय इसी विधानसभा के उपचुनाव में आ गया है यदि दादा ने पार्टी की बातो में आकर अपनी तागत का प्रदर्शन नहीं किया तो दादा को पार्टी मुर्ली मनोहर जोशी राष्ट्रीय नेता एवं ग्वालियर के पूर्व विधायक अनूप मिश्रा की तरह भाजपा नरोत्तम मिश्रा को भी घर बैठाकर उनकी राजनैतिक पकड़ को खत्म कर देगी जिस प्रकार सिंधिया ने भले ही दल बदला और अपनी तागत दिखाई जिसके दम पर वह राजनिति में बने हुये है गुना के बमौरी से पूर्व विधायक केएल अग्रवाल ने अपने पुत्र के द्वारा भले ही दल बदल कर अपनी तागत दिखाई जिसके दम पर गुना की राजनिति में अग्रवाल परिवार का नाम आज भी बना हुआ है उसी तरह दादा को भी उपचुनाव से लेकर आगामी लोकसभा एवं विधानसभा के चुनावों में अपनी तागत दिखाने की आवश्यकता है बरना राजनैतिक अस्तित्व पर खतरा साप दिखाई दे रहा है।
