ईओडब्ल्यू के अनुसार, शिवपुरी निवासी गोविंद शिवहरे ने ग्राम रघुनाथपुरा स्थित कृषि भूमि खरीदने का अनुबंध किया था। हालांकि राजस्व रिकॉर्ड में नाम की गलत प्रविष्टि होने के कारण भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी। रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए उन्होंने पोहरी एसडीएम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आवेदन पर आदेश पारित कराने के बदले पोहरी एसडीएम जे.पी. गुप्ता ने पटवारी अशोक वर्मा के माध्यम से पहले 10 हजार रुपए और बाद में 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय 25 जून को ईओडब्ल्यू ग्वालियर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने उन्हें एक डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर उपलब्ध कराया और आरोपियों से होने वाली बातचीत रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय में एसडीएम और पटवारी से मुलाकात की, जहां दोनों के साथ हुई बातचीत रिकॉर्ड की गई।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, रिकॉर्डिंग की जांच में एसडीएम जे.पी. गुप्ता द्वारा 5 हजार रुपए रिश्वत मांगने तथा राशि पटवारी अशोक वर्मा को देने के लिए कहने संबंधी बातचीत सामने आई। शिकायतकर्ता ने रिकॉर्डिंग में अपनी और दोनों आरोपियों की आवाज की पहचान भी की। इसके बाद रिकॉर्डिंग का ट्रांसक्रिप्ट तैयार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
रिकॉर्डिंग और शिकायत के आधार पर ईओडब्ल्यू ने एसडीएम जे.पी. गुप्ता और पटवारी अशोक वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।