किसानों ने बाईपास निर्माण के लिए छोड़ा अपना मालिकाना हक, दान की जमीन - Shivpuri



विकास की अनूठी मिसाल, बदरवास क्षेत्र के किसानों ने दान की जमीन


शिवपुरी - शिवपुरी जिले के बदरवास जनपद के बिजरौनी गांव के निवासियों ने जनहित में एक सराहनीय उदाहरण पेश किया है गांव को बारिश के दौरान टापू बनने से बचाने के लिए किसानों ने अपनी कृषि भूमि स्वेच्छा से दान कर दी है जिससे करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे बाईपास का मार्ग प्रशस्त हुआ है।


बिना मुआवजे के तैयार हुआ विकास का रास्ता


ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग के पक्ष में नोटरी कराकर अपनी जमीन सौंप दी है। इस अनूठी पहल के कारण शासन को न तो जटिल भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से गुजरना पड़ा और न ही कोई मुआवजा देना पड़ा। किसानों ने भविष्य में जमीन पर किसी भी प्रकार के मालिकाना हक या मुआवजे के दावे से लिखित रूप से इंकार कर दिया है।


1 करोड़ की लागत से सुगम होगा आवागमन


कोलारस विधायक महेंद्र यादव ने इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए अपनी विधायक निधि से एक करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। योजना के तहत सड़क के केंद्र से दोनों ओर 12-12 मीटर चौड़ाई में निर्माण कार्य किया जाएगा। इस मजबूत डामर सड़क के बनने से क्षेत्र में भारी वाहनों का आवागमन भी पूरी तरह सुगम हो सकेगा।


13 साल के इंतजार के बाद पूरा होगा सपना

ग्रामीणों के अनुसार, बरसात में मुख्य मार्ग से संपर्क टूट जाने के कारण उन्हें इलाज, शिक्षा और अन्य रोजमर्रा के कामों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वर्ष 2013 में तत्कालीन विधायक स्वर्गीय राम सिंह यादव ने इस बाईपास का प्रस्ताव रखा था। अब 13 साल बाद उनके पुत्र और वर्तमान विधायक महेंद्र यादव के प्रयासों से ग्रामीणों को इस स्थायी समस्या से निजात मिलने जा रही है।

प्रमुख सहयोगी रहे जिनकी मदद से संभव हो रहा है कार्य

इस पुनीत कार्य में प्रकाश पुरी गोस्वामी, नंदराम किरार, बृजेश किरार, राजा भैया किरार, गिराज किरार, रमेश पटेल किरार और विजय सिंह किरार जैसे ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा है।

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