लापरवाही बरतने वाले समूह तत्काल हटाए जाएं, बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन :- कलेक्टर वर्मा - Shivpuri



कलेक्टर वर्मा ने की पीएम पोषण योजना की समीक्षा


शिवपुरी - कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज प्रधानमंत्री पोषण योजना योजना की विस्तृत समीक्षा की बैठक में उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता को सर्वोपरि बताते हुए सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं कलेक्टर वर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों के भोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने मध्याह्न भोजन वितरण में लापरवाही करने वाले समूहों पर कार्यवाही के भी निर्देश दिए हैं। 


स्वच्छता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

बैठक में कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए कि स्कूलों और आंगनबाड़ियों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और केवल उच्च गुणवत्ता के मसालों व खाद्य सामग्री का उपयोग करने की हिदायत दी।


बरसात के मौसम में खुले में खाना न बनाया जाए

कलेक्टर  वर्मा ने सचेत करते हुए कहा कि चूंकि अभी बरसात का मौसम है, इसलिए स्वच्छता को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए जिन विद्यालयों में किचन शेड उपलब्ध हैं, वहां अनिवार्य रूप से किचन के अंदर ही खाना बनाया जाए और खुले में खाना न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश में नमी के कारण राशन सामग्री और मसाले खराब होने की संभावना रहती है, इसलिए केवल अच्छी गुणवत्ता के पैक बंद मसालों का ही उपयोग किया जाए।


वितरण में लापरवाही करने वाले समूह को हटाने के निर्देश

मध्याह्न भोजन वितरण में जो भी समूह लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से काम से हटा दिया जाए। अधिकारी स्वयं निरीक्षण करें। यह भी ध्यान रहे कि बच्चों को निर्धारित मात्रा और गुणवत्तायुक्त भोजन दिया जाए।


रसोइयों की होगी ई-केवाईसी, समय पर होगा खाद्यान्न का उठाव

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राज्य शिक्षा केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश दिए कि योजना के तहत काम कर रहे सभी रसोइयों की अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी  कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समय-सीमा के भीतर खाद्यान्न का उठाव और   परिवहन समय पर हो सके।


अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश, 1.93 लाख बच्चे दायरे में

जिले में पीएम पोषण योजना के तहत कुल 2,500 स्कूलों के 1,93,524 विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन का लाभ दिया जा रहा है, जिसके संचालन की जिम्मेदारी 2,149 स्व-सहायता समूहों के पास है। कलेक्टर श्री वर्मा ने जिला पंचायत की मध्याह्न भोजन प्रभारी श्रीमती सीमा उपाध्याय सहित सभी संबंधित ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को फील्ड में उतरकर लगातार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं स्कूलों और आंगनबाड़ियों में जाकर भोजन की गुणवत्ता को परखें ताकि बच्चों को पौष्टिक और स्वच्छ आहार मिल सके।


पंचायतों से हटाकर स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी

कलेक्टर वर्मा ने व्यवस्था में सुधार करते हुए निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर वर्तमान में ग्राम पंचायतों द्वारा सीधे मध्याह्न भोजन वितरण का कार्य किया जा रहा है, वहां से यह व्यवस्था बदलकर कार्य सुदृढ़ स्व-सहायता समूहों को सौंपा जाए। 


समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ विजय राज, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक (राज्य शिक्षा केंद्र), आजीविका मिशन के प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ सहित समस्त विकासखंडों के बीआरसी उपस्थित रहे।

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