भाजपा को पार्टी के लोग कैडर बसेड का नाम देते है, ब्राह्राण समाज के लोग भाजपा से ब्राह्राण नेताओं को खत्म करने का नाम - MP News



मध्यप्रदे - भाजपा जोकि मध्यप्रदेश से लेकर देष के लगभग 75 प्रतिशत राज्यों में सरकार बनाने से लेकर केन्द्र में गठवंधन की सरकर चला रही है एक समय भाजपा की नीव का पत्थर ब्राह्राण नेता हुआ करते थे किन्तु प्रदेश से लेकर कई राज्यों एवं केन्द्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद दे से लेकर प्रदेष, राज्य से लेकर जिले कहीं भी जाकर देख लिया जाये तो वर्तमान समय में ब्राह्राणों को भाजपा एक - एक कर चुन - चुन कर घर बैठाने का कार्य कर रही है एक तरफ भाजपा के लोग भाजपा को कैडर बसेड यानि की संगठनात्मक ढांचा के आधार पर पार्टी चलाने की बात भाजपा के नेता मंच से करते है वहीं दूसरी ओर भाजपा की नीव कहे जाने वाले ब्राह्राण नेता भी अब समाज के बीच ब्राह्राणों को दरकिनार करने यानि की भाजपा से घर बैठालने वाली पार्टी का नाम सार्वजनिक रूप से समाजिक मंचों पर भाजपा के ही ब्राह्राण नेता दे रहे है।


भाजपा कैडर बसेड पार्टी का नारा देकर ब्राह्राण नेताओं को लगा रही है किनारे - भाजपा में जो लोग संगठन अथवा सत्ता में बैठे है वह मंचों से एक ही बात कहते हुये देखे जा सकते है कि भाजपा एक कैडर बसेड यानि की संगठनात्मक ढांचा पर कार्य करने वाली पार्टी है जबकि भाजपा के वह कार्यकर्ता जिन्होंने भाजपा की नीव रखी आज वह घर पर बैठा दिये गये है उनके दिल से भी एक बार पूछ लेते कि भाजपा वर्तमान में कैडर बसेड पार्टी है अथवा हिटलरशाही पर आधारित चलने वाली पार्टी इसका एक सबसे बड़ा उदाहरण भाजपा में ही पार्टी की नीव कहे जाने वाले मुरली मनोहर जोशी से अच्छा उदाहरण भाजपा के लिये कोई ओर दूसरा शायद नहीं हो सकता।


भाजपा ने तीन पूर्व मंत्रियों को विधायक बनाकर तथा तीन का टिकिट काटकर बैठाला घर - भाजपा के संगठन तथा सत्ता के लोग भले ही कैडर बसेड पार्टी का नारा देते रहे किन्तु जब भाजपा के ही ब्राह्राण समाज के 6 प्रदेष स्तर के नेताओं के दिल से जाकर पूछा जाये तो उनके दिल से एक ही शब्द निकलेगा भाजपा अब कैडर बसेड नहीं हिटलरशाही पार्टी के आधार पर चल रही है भाजपा के पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व स्पीकर रामेश्‍वर शर्मा, पूर्व मंत्री संजय पाठक जिन्हें भाजपा की पूर्व सरकार ने मंत्री की हैसियत से नवाजा गया और वर्तमान में विधायक बनाकर घर बैठा दिया गया इसी क्रम में पूर्व विधायक अनूप मिश्रा, पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा एवं पूर्व विधायक हरिवल्लभ शुक्ला को भाजपा ने टिकिट के लायक भी नहीं समझा समय आ गया है कि भाजपा वर्तमान में कैडर बसेड के नाम पर हिटलरशाही पॉलसी अपना रही है भाजपा से ब्राह्राणों को दूरी बनाने का समय आ गया है बरना भाजपा जनप्रतिनिधि तो दूर की बात है संगठन में भी नजर नहीं आयेगें।


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