नेताओं की नाकामी - परगना मुख्यालय पर 07 ट्रेनों के स्टॉपेज तो तहसील मुख्यालय पर 08 के स्टॉपेज - Kolaras


कोलारस - ग्वालियर - गुना रेल्वे ट्रेक के मध्य 226 किमी के बीच जिला मुख्यालय शिवपुरी के बाद परगना मुख्यालय के रूप में एक मात्र कोलारस है जिसके बाद कोलारस परगने की तहसील बदरवास का नम्बर आता है इस ट्रेक पर प्रतिदिन एवं सप्ताहिक मिलाकर कुल 21 ट्रेने इस ट्रेक पर चलती है किन्तु सोचने वाली बात यह है कि कोलारस के स्थानीय नेताओं की नाकामी के चलते यहां से गुजरने वाली 21 ट्रेनों में से परगना मुख्यालय कोलारस पर उज्जैनी एक्सप्रेेस के होने वाले स्टॉपेज को भी शामिल कर लिया जाये तो परगना मुख्यालय पर मात्र 07 ट्रेनों को कोलारस में रोका जाता है।



इंंदौर से ग्‍वालियर , शिवपुरी होते हुुुये दूरी 93 किमी कम फिर भी सिंगल रेलवे ट्रेक


मध्‍यप्रेदश की व्‍यावसायिक राजधानी इंदौर से ग्‍वालियर होते हुये देश की राजधानी दिल्‍ली को जोडने वाली सीधी कम दूरी की रेलवे लाइन शिवपुरी से होकर गुजरती है जहां 93 किमी की दूरी रेलवे एप कम बताता है इंदौर से ग्‍वालियर झांसी होते  हुये दूरी 654 किमी है जबकि इंदौर से शिवपुरी होते हुुुये दूरी 561 किमी है यानि की प्रदेश की व्‍यावसायिक राजधानी इंदौर को देश की राजधानी दिल्‍ली से जोडने वाले शिवपुरी - गुना रेलवे ट्रेक के डवल होने से ट्रेनों की स्‍पीड एवं दूरी में 93 किमी की कमी आयेगी जिसको रेलवे विभाग के सामने केन्‍द्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को उठाते हुुुये उज्‍जैन से ग्‍वालियर के बीच 93 किमी कम दूरी वाले रेलवे ट्रेक को डवल करने की मांग मजबूती के साथ रखना चाहिये।


स्‍थानीय नेताओं की कमजोरी से पिछडा कोलारस रेलवे - 


स्थानीय नेताओं की नाकामी का सबाल इसलिये भी उठता है क्योंकि जिला मुख्यालय अशोक नगर के पास मुंगावली स्टेशन पर वहां से गुजरने वाली लगभग अधिकांश ट्रेनों का स्टॉपेज है किन्तु कोलारस से गुजरने वाली 21 ट्रेनों में से नई ट्रेन उज्जैनी एक्सप्रेस के स्टॉपेज को भी शामिल कर लिया जाये तो कोलारस विधानसभा मुख्यालय पर ट्रेनों के स्टॉपेज की संख्या मात्र 7 तक पहुंचती है जबकि कोलारस पगरने की ही तहसील बदरवास में नेताओं से कहीं आगे निकलते हुये रेल्वे संघर्ष समिति के विशेष प्रयासों से कोलारस से ज्यादा 08 ट्रेने बदरवास तहसील मुख्यालय पर रूकती है जहां एक ओर मोदी सरकार विकास के लिये पूरे देश में रेल नेटवर्क का विस्तार करने में जुटी हुई है वहीं आजाद भारत के 80 वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद भी मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर से देश की राजधानी दिल्ली को जोड़ने वाला मुख्य रेल मार्ग अभी भी उज्जैन से ग्वालियर के बीच डवल रेल्वे लाइन के लिये तरस रहा है जब तक उज्जैन से ग्वालियर के बीच डवल रेल लाइन और कोलारस से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं होगा तब तक कोलारस मुंगावली, डवरा, राधौगढ़ तहसीलों की तरह विकास की मुख्य धारा में शामिल कहां से होगा।




भाजपा नेता गणेश धाकड ने जनहित एवं महिलाओं, बच्चों से संबंधित की मांग - मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया जी कोलारस रेलवे स्टेशन पर आ रहे है इससे पूर्व ही गणेश धाकड़ द्वारा केंद्रीय मंत्री सिंधिया जी से मांग की है कि भोपाल ग्वालियर इंटरसिटी, देहरादून एक्सप्रेस, उज्जैनी एक्सप्रेस, गाड़ी प्रतिदिन प्रतिदिन लाइन नंबर 2 पर आती है, रात्रि में 11:00 बजे 12:00 बहुत सारी महिलाएं अकेली आती है उनके साथ में कुछ सामान भी साथ में होता है तो लाइन नंबर 2 पर ना तो लाइट है, प्लेटफॉर्म एवं ब्रिज भी नहीं है, झाड़ियां में लोगों को उतरकर आना पड़ता है अंधेरे में प्लेटफार्म पर चढ़कर के बड़ी मुश्किल होती है महिलाओं क्योंकि रेलवे ट्रैक से रेलवे प्लेट फॉर्म की ऊंचाई लगभग 2 से 3 के बीच है जिसको पार करके महिलाओं, बच्चों को दूसरी तरफ जाना पड़ता है।


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