मध्यप्रदेश की राजधानी के छोटे तालाब स्थित धोबीघाट के पास 10 अगस्त को मिले अज्ञात किशोर के शव के मामले में श्यामला हिल्स थाना पुलिस ने सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है गिरफ्तार आरोपियों में दो बालिग और तीन नाबालिग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये में मृतक के प्राइवेट पार्ट बेचने के लालच में उसकी हत्या की साजिश रची थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव से दोनों प्राइवेट पार्ट निकालकर प्लास्टिक की थैली में रखे थे।
जानकारी के अनुसार 10 अगस्त को छोटे तालाब के धोबीघाट के पास एक अज्ञात शव मिला था। शव के पोस्टमार्टम में पेट और पैर पर वार के निशान मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 15 अगस्त को रानी शाह नाम की महिला थाना तलैया में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। पुलिस ने उसे अज्ञात शव की फोटो दिखाई। शव का सिर क्षतिग्रस्त था, लेकिन बाएं हाथ पर बने टैटू में अंग्रेजी अक्षर एस के नीचे शंकर लिखा था। टैटू देखकर रानी ने मृतक की पहचान अपने बेटे रेहान के रूप में की। पुलिस के अनुसार रेहान इकबाल मैदान, रेतघाट, कमला पार्क, बस स्टैंड और रॉयल मार्केट क्षेत्र में पेन व चाबी के छल्ले बेचता था।
डॉक्टर बनकर बनाया भरोसा, वीडियो दिखाकर रची साजिश
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी जोहेब की करीब एक माह पहले एक विधि-विरुद्ध बालक से पहचान हुई थी। जोहेब ने खुद को डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाला बताता और एप्रन तथा स्टेथोस्कोप पहनकर उससे मिलता था। दोस्ती होने के बाद उसने एक विधि-विरुद्ध बालक और उसके साथी मोहम्मद आमिर को मोबाइल फोन पर एक वीडियो दिखाया, जिसमें किसी व्यक्ति को बेहोश कर उसके प्राइवेट पार्ट निकालने का तरीका बताया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, जोहेब ने आरोपियों को प्राइवेट पार्ट बेचकर करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये कमाने का लालच दिया और बताया कि इसके लिए करीब 15-16 वर्ष की उम्र के लड़के की जरूरत होगी। इसके बाद एक विधि-विरुद्ध बालक ने आमिर को साजिश में शामिल किया। योजना को अंजाम देने के लिए आमिर ने दो अन्य विधि-विरुद्ध बालकों को भी इसमें शामिल कर लिया।
100 रुपये का लालच देकर साथ ले गए थे
पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त को दो विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग आरोपी) इकबाल मैदान पहुंचे और रेहान को यह कहकर अपने साथ चलने के लिए तैयार किया कि खटलापुरा के पास कुछ लड़कों से उनका विवाद हुआ है और उनसे लड़ाई करने जाना है। इसके बदले रेहान को 100 रुपये देने की बात कही गई। रेहान उनके साथ चल पड़ा। रास्ते में रेतघाट के पास आमिर और अन्य विधि-विरुद्ध बालक भी उनके साथ गए। चारों आरोपी रेहान को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की ओर ले गए। इस दौरान जोहेब मोबाइल फोन के जरिए आमिर और अन्य आरोपियों के संपर्क में था। उसे फोन पर बताया गया कि जिस उम्र के लड़के की आवश्यकता थी, वह मिल गया है।
हत्या के बाद शव से प्राइवेट पार्ट निकाला, लेकिन बेच नहीं पाए
हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता ने बताया कि आरोपियों ने रेहान की हत्या करने के बाद एक विधि-विरुद्ध बालक ने अपने पास से ब्लेड और मास्क निकाला। आमिर ने जोहेब को फोन कर बताया कि लड़के की हत्या कर दी गई है। जोहेब ने मौके पर आने में असमर्थता जताते हुए पहले दिखाए गए वीडियो के अनुसार काम करने के लिए कहा। इसके बाद आरोपियों ने मृतक के शरीर से दोनों प्राइवेट पार्ट निकालकर प्लास्टिक की थैली में रख दिए। जोहेब उन्हें बेचने में सफल नहीं हो सका। अगले दिन उसने दोनों प्राइवेट पार्ट आमिर और विधि-विरुद्ध बालकों को वापस कर दिए और दो-तीन दिन तक अपने पास रखने को कहा। करीब तीन दिन बाद आमिर और विधि-विरुद्ध बालकों ने दोबारा जोहेब से संपर्क किया। जोहेब ने उन्हें बेचने में असमर्थता जताई। इसके बाद आरोपियों ने दोनों प्राइवेट पार्ट तालाब में फेंक दिए।