कोलारस - कोलारस के ग्राम पंचायत चंदोरिया के ग्रामीणों ने उचित मूल्य की दुकान के सेल्समैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोलारस एसडीएम को शिकायत आवेदन सौंपा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पिछले करीब तीन माह से नियमित रूप से राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते गरीब परिवारों के सामने खाद्यान्न की समस्या खड़ी हो गई है।
अंगूठा लगवाने के बाद भी नहीं दिया राशन
ग्रामीणों के अनुसार वे कई बार उचित मूल्य की दुकान पर राशन लेने पहुंचे, लेकिन दुकान संचालक द्वारा उनसे अंगूठा लगवा लिया गया और राशन उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर वापस लौटा दिया गया ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह कई हितग्राहियों को राशन के लिए लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
राशन मांगने पर कथित तौर पर किया जाता है अभद्र व्यवहार
शिकायत में ग्रामीणों ने सेल्समैन राजवीर यादव पर आरोप लगाया है कि राशन की मांग करने पर उन्हें कथित रूप से यह कहकर लौटा दिया जाता है कि उनके लिए राशन नहीं दिया जाएगा ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने पर भी सेल्समैन द्वारा कथित तौर पर बेपरवाही दिखाई जाती है।
केवाईसी के नाम पर अंगूठा लगवाकर राशन निकालने का आरोप
ग्रामीणों ने शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है उनका कहना है कि सेल्समैन द्वारा केवाईसी करने के नाम पर हितग्राहियों से अंगूठा लगवाया जाता है और बाद में उनके नाम का राशन निकाल लिए जाने की आशंका है यदि ग्रामीणों के ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
राशन नहीं मिलने से परिवारों की परेशानी बढ़ी
ग्रामीणों का कहना है कि उचित मूल्य की दुकान से मिलने वाला राशन उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है करीब तीन माह से राशन वितरण प्रभावित होने के कारण उनकी खाद्यान्न संबंधी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
एसडीएम से जांच और कार्यवाही की मांग
समस्त ग्रामीणजनों ने कोलारस एसडीएम को आवेदन देकर पात्र हितग्राहियों को लंबित राशन दिलाने तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग की है साथ ही ग्रामीणों ने सेल्समैन राजवीर यादव के विरुद्ध आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अब देखना यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और उचित मूल्य की दुकान के रिकॉर्ड, ई-पॉस मशीन में दर्ज लेन-देन तथा राशन वितरण की जांच कराकर वास्तविक स्थिति कब सामने लाता है।
