कोलारस के पहाडा गांव के सैंकडों ग्रामीणों ने जनसुनवाई में टूटा रपटा सहित गांव की समस्‍याओं को उठाया - Kolaras



कोलारस - बरसात के दिनों में विकास के तमाम दावों की पोल कैसे खुलती है, इसकी बानगी देखनी हो तो कोलारस जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत गणेशखेड़ा के पहाड़ा गांव पहुंच जाइए झमाझम बारिश के साथ ही इस गांव के हिस्से में सिर्फ और सिर्फ कीचड़, गहरे गड्ढे और लाचारी आई है आलम यह है कि जरा सी बारिश में पूरा गांव मुख्य धारा से कट जाता है और यहां के 250 ग्रामीणों की जिंदगी जैसे थम सी जाती है तमाम परेशानियों से त्रस्त होकर मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर कोलारस की जनसुनवाई में पहुंचे और एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपकर इस नर्क जैसी जिंदगी से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई।

दलदल बने रास्ते, हर कदम पर मौत का जोखिम

ग्रामीणों का दर्द है कि बारिश शुरू होते ही गांव की सड़कें रास्तों से ज्यादा दलदल नजर आने लगती हैं। जगह-जगह जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि पैदल चलना भी दूभर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना किसी जोखिम से कम नहीं है दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर पल फिसलकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है स्कूल जाने वाले नन्हे-मुन्नों को रोजाना इसी कीचड़ और पानी से गुजरकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।

कोई बीमार पड़ जाए तो भगवान ही मालिक

गांव के लोगों के सामने सबसे बड़ा और डरावना सवाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि "यदि बारिश के इस मौसम में कोई मरीज गंभीर रूप से बीमार पड़ जाए, तो उसे अस्पताल कैसे ले जाया जाएगा?" खराब रास्तों के कारण एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन गांव तक पहुंच नहीं पाता, जिससे समय पर इलाज न मिलने से किसी की भी जान पर बन सकती है।

वर्षों से टूटा है नदी का पुल, जिम्मेदार मौन

पहाड़ा यादव मोहल्ला और बस्ती के बीच स्थित नदी का पुल वर्षों से टूटा हुआ है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते इसकी सुध आज तक नहीं ली गई। पुल टूटा होने और रास्ते बदहाल होने से गांव के दोनों हिस्सों का आपसी संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं, धरातल पर काम कुछ नहीं हुआ।


ग्रामीणों की प्रमुख मांगें 

जनसुनवाई में एसडीएम को सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने निम्नलिखित कार्यों को जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग की है श्रीया जाटव के कुएं से मोहनलाल जाटव के घर तक तथा बेजू जाटव के घर से प्राथमिक स्कूल तक सीसी रोड बनाई जाए मोहनलाल जाटव के घर से नहरवारा (लगभग 1 किमी) तथा सिद्ध बाबा स्थान से सिधारपुर ठाकुर बाबा तक (लगभग 400 मीटर) मार्ग पर लाल मुरम डाली जाए ताकि आवागमन सुगम हो सके यादव मोहल्ला और बस्ती के बीच स्थित वर्षों से टूटे पड़े नदी पुल का तुरंत निर्माण कराया जाए।


 प्रशासन के पाले में गेंद

पहाड़ा गांव के 35 परिवारों और 250 लोगों की यह चीख-पुकार अब जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच चुकी है देखना यह होगा कि यह आवेदन भी हमेशा की तरह फाइलों में दफ्न होकर रह जाता है, या फिर बारिश के इस मौसम में प्रशासन वास्तव में कोई ठोस कदम उठाकर पहाड़ा के बाशिंदों को राहत देता है।

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