बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अभिभाषक संघ ने प्रशासन को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम
कोलारस नगर की बदहाल व्यवस्थाओं और लगातार बढ़ती जनसमस्याओं को लेकर अब नागरिकों और बुद्धिजीवियों का आक्रोश खुलकर सड़कों पर उतरने लगा है इसी कड़ी में मंगलवार को कोलारस अभिभाषक संघ ने नगर की गंभीर समस्याओं को लेकर एसडीएम की जनसुनवाई में एक आक्रामक रुख अपनाते हुए ज्ञापन सौंपा और प्रशासन को सीधे तौर पर सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।
अभिभाषक संघ ने आरोप लगाया कि लंबे समय से कोलारसवासी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं।
एबी रोड पर भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार
नगर के बीच से गुजरने वाले एबी रोड पर ट्रक, बस और अन्य भारी वाहन बेलगाम गति से दौड़ रहे हैं। भीड़भाड़ वाले इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से पैदल चलने वाले राहगीरों, दोपहिया चालकों और खासकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है। संघ ने मांग की है कि एबी रोड को नगर के भीतर चौड़ा कर मुख्य मार्ग के रूप में विकसित किया जाए और भारी वाहनों के नगर में प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर लगे रोक
ज्ञापन में 8 से 12 वर्ष तक के नाबालिग बच्चों द्वारा बेधड़क वाहन चलाने की गंभीर समस्या को भी उठाया गया है वकीलों का कहना है कि यह न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का खुला उल्लंघन है, बल्कि खुद बच्चों और आम जनता की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
बदहाल सड़कें और गड्ढों का जाल
जगतपुर चौराहा से न्यायाधीश निवास के इस मार्ग की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और फैली गंदगी के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं अस्पताल मार्ग स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मच्छरों का प्रकोप और स्वास्थ्य पर खतरा
नगर में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। नियमित फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव न होने से मच्छरों का प्रकोप चरम पर है। स्थिति यह है कि न्यायालय परिसर के पास स्थित हैंडपंप के आसपास जलभराव के कारण बड़े पैमाने पर मच्छर पनप रहे हैं, जिससे क्षेत्र में कभी भी किसी गंभीर बीमारी के फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
न्यायालय जाने की चेतावनी
अभिभाषक संघ ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी सात दिनों के भीतर इन तमाम समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो जनहित में न्याय पाने के लिए न्यायालय की शरण ली जाएगी अब देखना यह है कि प्रशासन इस अल्टीमेटम के बाद हरकत में आता है या फिर यह ज्ञापन भी फाइलों के ठंडे बस्ते में दम तोड़ देगा कोलारस की जनता अब सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, उसे जमीनी स्तर पर तत्काल राहत चाहिए।
