शिवपुरी - कोलारस विकासखंड की ग्राम पंचायत किलावनी की रहने बाली अंगूरी धाकड़ ने, जिन्होंने सीमित संसाधनों से शुरुआत कर अपनी लगन और मेहनत के बल पर 'लखपति दीदी' बनने का गौरव हासिल किया है।
अंगूरी धाकड़ के जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत तब हुई जब वे आजीविका मिशन के 'लवकुश स्व सहायता समूह' से जुड़ीं। मिशन के तहत सिलाई का नि:शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने समूह से ₹10,000 का पहला लोन लिया।
इस राशि से सिलाई मशीन खरीदकर उन्होंने घर से ही कपड़े सिलने का काम शुरू किया, जिससे उन्हें रोजाना ₹200 से ₹300 की नियमित आय मिलने लगी और आत्मविश्वास बढ़ा।
सिलाई से हुई बचत और अनुभव के बल पर अंगूरी ने अपने काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह के माध्यम से ही ₹50,000 का दूसरा लोन प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने गाँव में किराए की दुकान लेकर मनयारी (जनरल स्टोर व प्रसाधन सामग्री) का व्यवसाय शुरू किया, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में और सुधार आया।
अंगूरी धाकड़ की लगन और व्यवसायिक क्षमता को देखते हुए उन्हें बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' के तहत 2 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कराया गया। इस वित्तीय मदद से उन्होंने किराए की दुकान की निर्भरता समाप्त कर अपने घर में ही पक्की दुकान कर कपड़ा व्यवसाय (क्लॉथ स्टोर) शुरू किया।
आज वे थोक बाजार से कपड़े लाकर बेचने के साथ-साथ सिलाई और मनयारी का काम भी सफलतापूर्वक चला रही हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के इस सफल संयोजन से आज अंगूरी धाकड़ विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से प्रतिमाह ₹15,000 से ₹18,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं। कभी सीमित साधनों में जीवन बिताने वाली अंगूरी आज समाज में 'लखपति दीदी' के रूप में पहचान बनाकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।
अपनी सफलता का श्रेय केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को देते हुए अंगूरी धाकड़ कहती हैं कि आजीविका मिशन और मुद्रा योजना के सहयोग से ही उनके लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना संभव हो सका है। उन्होंने महिलाओं के सर्वांगीण विकास और स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही इन योजनाओं के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
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