संस्कार केन्द्र आचार्य अभ्यास वर्ग में भारतीय संस्कृति एवं संस्कारयुक्त शिक्षा पर हुआ मंथन - Shivpuri



शिवपुरी - भारत भूमि श्रेष्ठ और पवित्र है, क्योंकि इस पावन धरती पर ऋषि-मुनियों ने तपस्या की है भारत का सम्मान केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशों के लोग भी करते हैं। 


भारत की भूमि केवल भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी मातृभूमि और पुण्यभूमि है यह बात विद्याभारती के पूर्णकालिक कार्यकर्ता एवं सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय शिवपुरी के प्रबंधक पवन शर्मा ने सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश, भोपाल की योजनानुसार सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय, शिवपुरी में आयोजित विद्याभारती सेवा क्षेत्र की शिक्षा के अंतर्गत संस्कार केन्द्र आचार्य अभ्यास वर्ग में मुख्य वक्ता के रूप में कही।


शर्मा ने कहा कि भारत भूमि माता के समान हमारा लालन-पालन करती है। 

भारतीय संस्कृति में इस भूमि को पुण्यभूमि का स्थान दिया गया है इसके पर्वत, नदियां और प्रकृति के विभिन्न स्वरूप हमारे लिए पूजनीय हैं। यही कारण है कि भारतीय परंपरा में देवताओं ने भी इस भूमि पर बार-बार जन्म लिया उन्होंने कहा कि भारत के तीज-त्योहार वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं तथा विविध धर्मों और जातियों के लोग एक सूत्र में बंधकर भारतीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। भारत भूमि का कण-कण पूजनीय है और यह वंदन, अभिनंदन, पुण्य एवं तर्पण की भूमि है।


कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा क्षेत्र की शिक्षा के क्षेत्रीय संयोजक श्री पुरुषोत्तम जोशी ने की। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति से युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए संस्कार केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने आचार्यों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभाव का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।


कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना के साथ हुआ इस अवसर पर प्रिंस सेन द्वारा अमृत वचन प्रस्तुत किए गए संतोष सेन ने व्यक्तिगत गीत प्रस्तुत किया अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आत्माराम यादव द्वारा श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया।


यह अभ्यास वर्ग 30 अगस्त से 03 सितम्बर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें विद्याभारती द्वारा संचालित सरस्वती संस्कार केन्द्रों के आचार्य-दीदियों को सेवा क्षेत्र की शिक्षा के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। शिवपुरी विभाग के अंतर्गत आने वाले शिवपुरी, अशोकनगर एवं दतिया जिलों से संस्कार केन्द्र संचालित करने वाले आचार्य-दीदी इसमें सहभागी हैं। विभिन्न सत्रों के माध्यम से संस्कार केन्द्रों के संचालन, भारतीय संस्कृति, संस्कारयुक्त शिक्षा तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार श्री अरविन्द सविता ने व्यक्त किया। इस अवसर पर शिवपुरी विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों से आए संस्कार केन्द्रों के आचार्य-दीदी उपस्थित रहे।

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