सेवारत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत देने की मांग, 21 कर्मचारी-शिक्षक रहे मौजूद
कोलारस - शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर सामने आ रही विसंगतियों एवं सेवारत शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के विरोध में राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंगलवार को कोलारस एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया। संघ के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने एसडीएम के माध्यम से शासन तक अपनी मांग पहुंचाते हुए TET से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने तथा सेवारत शिक्षकों को राहत देने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि लंबे समय से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सामने TET की अनिवार्यता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित योग्यता एवं विभागीय प्रक्रिया के तहत अपनी सेवाएं दी हैं। ऐसे में वर्तमान में TET की अनिवार्यता से उनके सामने नई परेशानी उत्पन्न हो रही है। संघ ने शासन से मांग की कि सेवारत शिक्षकों की स्थिति और पूर्व में प्राप्त शैक्षणिक एवं विभागीय योग्यताओं को ध्यान में रखते हुए नियमों पर पुनर्विचार किया जाए।
विसंगतियां दूर करने की मांग
राज्य कर्मचारी संघ ने ज्ञापन के माध्यम से TET से संबंधित विसंगतियों को दूर करने, पात्र एवं सेवारत शिक्षकों को राहत देने तथा पुराने शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की। संघ का कहना है कि शिक्षकों ने वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं देकर विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान दिया है। ऐसे में उनके सामने नौकरी एवं सेवा को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए।
शिक्षकों ने कहा कि TET से जुड़े नियमों की व्यावहारिक कठिनाइयों का परीक्षण किया जाना चाहिए। साथ ही पुरानी नियुक्तियों और वर्तमान नियमों के बीच यदि कोई विसंगति है तो उसे दूर कर शिक्षकों को स्पष्ट राहत प्रदान की जाए।
एकजुट होकर रखी मांग
ज्ञापन सौंपने के दौरान कर्मचारी एवं शिक्षक एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने शासन से मांग की कि शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उचित स्तर पर कार्रवाई की जाए। संघ ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज आगे भी उठाता रहेगा।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में धनसिंह यादव, शिवकुमार यादव, विजय यादव, चतुर्भुज रघुवंशी, जगदीश यादव, रामेश्वर यादव, सुरेश रघुवंशी, संगीत लोधी, नजीर हुसैन, नन्दू सिंह कोली, वसीम परमार, सुरेंद्र लोधी, करता सिंह, रेखा कोल, कैलाश कोल, अजय शर्मा, भगवान चरण पाण्डेय, चन्द्रशेखर शर्मा, रामजी शर्मा, सुनील लोधी एवं गोपाल रघुवंशी सहित अन्य कर्मचारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
