अवैध तरीके से परिवहन किए जा रहे 200 बैग डीएपी उर्वरक जब्त, एफआईआर दर्ज - Shivpuri


वाहन क्रमांक MP 07 GB 0631 से ले जाया जा रहा था उर्वरक, कृषि विभाग की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

शिवपुरी। जिले के बैराड़ क्षेत्र में कथित रूप से अवैध तरीके से परिवहन किए जा रहे डीएपी उर्वरक के 200 बैग जब्त किए गए हैं। कृषि विभाग की शिकायत पर थाना बैराड़ पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश तथा उप संचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य के मार्गदर्शन में उर्वरकों के अवैध परिवहन, भंडारण और वितरण के मामलों की जांच की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार, 22 सितंबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे बैराड़-पोहरी मुख्य मार्ग पर अनाज मंडी के आगे वाहन क्रमांक MP 07 GB 0631 (टाटा एलएमडी ट्रक) से 50-50 किलोग्राम वजन वाले डीएपी उर्वरक के 200 बैग ले जाए जा रहे थे।

विभागीय जानकारी के मुताबिक, वाहन से संबंधित व्यक्तियों के कथनों, पंचनामा और अन्य दस्तावेजों के आधार पर उर्वरक को मुरैना जिले के कैलारस क्षेत्र की नई बस्ती रिठोनिया निवासी गोरेलाल ऊपप्पन जाटव का बताया गया है। मामले में दर्ज दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विकासखंड पोहरी के उर्वरक निरीक्षक मुकेश कुमार दनेलिया ने थाना बैराड़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। जांच के बाद तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

रबी सीजन में उर्वरक वितरण पर निगरानी

कृषि विभाग के अनुसार, रबी सीजन 2026-27 को देखते हुए जिले में उर्वरक और बीज की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही है।

डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके उर्वरकों की सलाह

कृषि विभाग ने किसानों को रबी फसलों की बोनी के दौरान आवश्यकता और मिट्टी की स्थिति के अनुसार डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके मिश्रित उर्वरकों के उपयोग की सलाह दी है। इनमें 12:32:16, 16:16:16, 20:20:0:13, 10:26:26 और 14:35:14 जैसे ग्रेड शामिल हैं।

विभाग के मुताबिक, अलग-अलग ग्रेड के उर्वरकों से नत्रजन, फास्फोरस, पोटाश और कुछ ग्रेड में सल्फर जैसे पोषक तत्वों की आपूर्ति होती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल की जरूरत, मिट्टी की जांच और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उर्वरक का चयन करें, ताकि फसल की गुणवत्ता और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखा जा सके।

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