जब विवाद कमीशन के बटवारे का है फिर कोलारस विधायक को शामिल करने का उद्देश्य कहीं विधानसभा चुनाव तो नहीं - Kolaras

महेन्‍द्र यादव, यशपाल रावत, अमित यादव 


सब को पता है पंचायतों में 50 से 70 प्रतिशत का होता है बटवारा फिर भी नहीं होती कार्यवाही 

कोलारस - कोलारस विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में महेन्द्र यादव विधायक है और उनकी बेटी नेहा-अमित यादव जिला पंचायत अध्यक्ष है कोलारस विधानसभा से ही यशपाल रावत बिजनेसमैन समाजिक कार्यकर्ता के साथ - साथ भाजपा के नेता भी है इन्हीं की दो बहुऐं जिला पंचायत की सदस्य है कोलारस विधायक महेन्द्र यादव अपनी बेटी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में कामयाव हो गये जबकि यशपाल रावत कोलारस विधायक से तालमेल होने के बाद भी अपनी बहुओं को जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष बनाने में कामयाव नहीं हो सकें यही से पड़ोरा वाले पटेल रावत परिवार एवं कोलारस विधायक के बीच विवाद प्रारम्भ हुआ जिसके बाद एक दूसरे ने आला नेताओं को शिकायतें करने से लेकर एक दूसरे के कार्यो में हस्ताक्षेप करना प्रारम्भ किया और जिला पंचायत के चुनावों से भाजपा के दो नेताओं के बीच खीची तलवार की जंग जारी है जोकि 2028 में होने वाले विधानसभा के चुनावों तक जारी रह सकती है राजनैतिक गलियारों में यहां तक चर्चा है कि कोलारस विधायक यदि पुनः टिकिट लाकर चुनाव मैदान में आते है तो पटेल परिवार अपना सदस्य किसी भी दल से चुनाव मैदान में उतार सकता है।


बटवारे की लड़ाई में कोलारस विधायक की छवि हो रही है धूमिल 


कोलारस विधायक महेन्द्र यादव सार्वजनिक रूप से मंचों से दाबा करते है कि यदि कोई भी व्यक्ति उनके ऊपर कमीशन खोरी या लेनदेन का आरोप सिद्ध कर दे तो उसे एक लाख का ईनाम कोलारस विधायक देंगे इसी से जोड़कर हम यदि भाजपा नेता यशपाल रावत के बयानों की चर्चा करें तो उनके द्वारा मंगलवार को कलेक्टर शिवपुरी से की गई शिकायत में जिला पंचायत अध्यक्ष पति एवं कोलारस विधायक का नाम लेकर आरोप शिकायत के साथ मीडिया के सामने लगाया भाजपा नेता रावत के द्वारा लगाया गया आरोप भले ही पुराने विवादों से जोड़कर देखा जा रहा हो किन्तु यह भी चर्चा का विषय है कि 2028 के विधानसभा चुनावों को देखते हुये राजनैतिक विसाद विछाई जाने लगी है जिसमें भाजपा नेता रावत ही नहीं बल्कि कई अन्य विधायक के टिकिट के दावेदार भी राजनैतिक घटना क्रम का हिस्सा हो सकते है कुल मिलाकर जब लड़ाई नाम के नाम पर बटवारे की है तो विधायक को ऐसे विवादों से दूरी ही बनानी चाहिये।


पंचायतों में जब 50 प्रतिशत से भी अधिक का बटवारा फिर अधिकारी एवं नेता क्‍याें न साधे मौन 

कोलारस जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष आशा देवी यादव कई बार अपने बयानों में 50 से लेकर 70 प्रतिशत तक पंचायतों के कार्यो के लिये आने वाली राशि में बटवारें का आरोप लगा चुकी है किन्तु कोलारस जनपद उपाध्यक्ष के बयानों को विपक्ष की नेता तथा महिला होने के कारण उनके बयानों की किसी भी अधिकारी या नेता ने जांच कराने की हिम्मत नहीं उठाई आखिर पंचायत के सचिव से लेकर सरपंच, जनपद के अधिकारियों से लेकर जिला पंचायत के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त मात्रा में कमीशन पहुंच रहा है फिर भला जांच कराये तो कराये कौन इसी का परिणाम है कि पंचायत के चुनाव अब आधा करोड़ तक खर्च से होने लगे है जब तक कमीशन खोरी पर लगाम लगाने की कार्यवाही नहीं होगी तब तक पंचायतों का विकास भला कैसे होगा कोलारस जनपद उपाध्यक्ष के पूर्व के बयानों से ही जुड़ा हुआ मामला मंगलवार को शिवपुरी में पुनः सुनाई दिया क्या कमीशन खोरी के खेल से लेकर बटवारे पर अंकुश लगाने का कोई नेता कदम उठा पायेगा या बटवारे की लड़ाई में एक दूसरे को नीचा दिखाने का खेल जारी रहेगा।


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