स्वामित्व योजना के कार्य में अनुपस्थित रहने और न्यायालय में शासन को बिना सूचना दिए साक्ष्य देने के मामलों में प्रशासन का एक्शन
शिवपुरी। जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में जिला प्रशासन ने दो पटवारियों को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत यह कार्रवाई की गई है।
ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए पीयूष साहू
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील नरवर में पदस्थ पटवारी पीयूष साहू को तहसील पिछोर में शासकीय कार्य संपादित करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन वे आदेश के पालन में अपने कर्तव्य पर उपस्थित नहीं हुए। वर्तमान में शासन की महत्वपूर्ण स्वामित्व योजना के तहत कार्यवाही जारी है। ऐसे में आदेश की अवहेलना और शासकीय कार्य में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, पिछोर निर्धारित किया गया है।
न्यायालय में साक्ष्य देने के मामले में राजेश धाकड़ निलंबित
वहीं, तहसील बैराड़ के कालामढ़ हल्के में पदस्थ पटवारी राजेश धाकड़ के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने कार्यालय को पूर्व सूचना दिए बिना न्यायालय में वादी साक्षी के रूप में साक्ष्य दिए, जिनमें शासन के विरुद्ध कथन अंकित कराए गए। प्रशासन के अनुसार, इस मामले में संबंधित अधिकारियों को सूचना नहीं मिलने के कारण शासन की ओर से प्रकरण में सही पक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे शासन को क्षति पहुंची।
प्रशासन ने पटवारी के इस कृत्य को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, पोहरी, जिला शिवपुरी निर्धारित किया गया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
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