सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के त्रिदिवसीय दिशा-बोध शिविर का समापन, 25 विद्यार्थियों ने लिया भाग
शिवपुरी। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यक्तित्व निर्माण के उद्देश्य से सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय, शिवपुरी में कक्षा नौवीं के चयनित विद्यार्थियों के लिए आयोजित त्रिदिवसीय दिशा-बोध शिविर का समापन सिद्ध देवस्थान श्री मंशापूर्ण मंदिर में हुआ। शिविर के समापन सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि महंत सुमित शर्मा एवं शिविर संयोजक प्रयाग नारायण शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया।
श्रेष्ठ व्यक्तित्व से बनते हैं श्रेष्ठ नागरिक
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महंत सुमित शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में दिशा-बोध शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्रेष्ठ व्यक्तित्व से ही श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए पुस्तकीय शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना भी आवश्यक है। जीवन में व्यवहार-कुशलता और व्यावहारिक अनुभव का विशेष महत्व है। ऐसे शिविर विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को समझने और उनमें उचित व्यवहार करने की प्रेरणा देते हैं।
आध्यात्मिक जीवन और परिवहन व्यवस्था की ली जानकारी
शिविर संयोजक प्रयाग नारायण शर्मा ने शिविर की भूमिका एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने आचार्यों के मार्गदर्शन में परमहंस आश्रम एवं जिला परिवहन कार्यालय का भ्रमण किया। यहां उन्होंने आध्यात्मिक जीवन और परिवहन व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। विद्यार्थियों ने शिविर के अंतर्गत दिए गए परियोजना कार्यों के आधार पर अपने अनुभव भी साझा किए।
योग, व्यायाम और श्रम-साधना पर दिया जोर
तीन दिवसीय शिविर में विद्यार्थियों के शारीरिक, बौद्धिक एवं व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए व्यायाम, योग, भाषण, अनुभव लेखन और श्रम-साधना जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। शिविर में विद्यालय के चयनित 25 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य अरविंद सविता ने किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों, आचार्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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