स्थानांतरण के बाद भी कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा सब रजिस्टार को

कोलारस पदस्त सब रजिस्टार मनोज सिहारे हमेशा रहे चर्चाओं में।
*कोलारस की सभी रजिस्ट्रियां हो रही है शिवपुरी में संपादित।
*जमकर शिकायतों के बाद भी पक्षकारों को भारी परेशानी।
*भाजपा शासन का प्रश्सिनिक तंत्र पर नही कोई नियंत्रण।
कोलारस- कोलारस में पदस्थ सब रजिस्टार उपचुनाव से पूर्व कोलारस में पदस्थ हुए थे। यहां पर कुर्सी ग्रहण करने के बाद से ही मनोज सिहारे कोलारस वकीलों और पक्षकारों के लिए सिरदर्द बने रहे। अपनी मनमर्जी से काम करने के कारण उन्होंने न तो किसी नेता की शुनवाई की न ही प्रश्सिनिक तंत्र के वरिष्ट अधिकारियों की बात को कोई तरजीह दी। इसके चलते अविभासक संघ द्वारा कई बार उनकी शिकायत तत्कालीन sdm प्रजापति से की और उपचुनाव के दौरान कई मंत्रियों से भी की। लेकिन सब रजिस्टार अपने रूख पर अड़े रहे।
उस समय विवाद को शांत करने के लिए दवाव बनाकर उन्हें लम्बी छुट्टी पर भेज दिया। कुछ समय के लिए यहां महेंद्र कौरव को पदस्त कर दिया और कोलारस में फिर से काम शुचारु चलने लगा। उपचुनाव के बाद दोबारा मनोज सिहारे आ गए और फिर बही कहानी शुरू हो गई।
पुनः जंग का शिलशिला शुरू हो गया अन्ततः एक सप्ताह पूर्व उनका स्थानांतर हो गया।
विगत 20 सितंबर को भोपाल से प्राप्त आदेश के अनुसार मनोज सिहारे का स्थानांतरण लहार हो गया है उनकी आड़ में इस दौरान जमकर लूट की गई क्योंकि कोलारस में मनोज सिहारे द्वारा न के बराबर रजिस्ट्री संपादित की अधिकतर रजिस्ट्री शिवपुरी में ही हुई।इस बात में कोई संदेह नही की मनोज सिहारे द्वारा किसी प्रकार का कोई लेन देन नही किया।
अब जब उनका स्थान्तरण हो गया है तो शिवपुरी में पदस्त अमला अभी भी उनको यहाँ रखते हुए शिवपुरी में लूट करने में लगा है।आखिर इतनी परेशानी के बाद भी उन्हें बरिस्ट अमला कार्यमुक्त क्यों नही कर रहा है ये अपने आप मे चौकाने बाली बात है। हालहि में कोलारस विधायक महेंद्र यादव भी इसको लेकर कलेक्टर से मिले थे बही कई भाजपा नेता भी इस मामले में आवाज उठा चुके है। लेकिन प्रशासन किसी की सुनने को तैयार नही है।

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