कलेक्टर ने दिए राजस्व अधिकारियों को निर्देश
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 अगस्त 2019 तक सभी गांवों में पटवारी पूरी गुणवत्ता के साथ खेतों पर पहुंचकर गिरदावरी का कार्य करें। इस कार्य को सभी अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व), तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अपने अनुभाग एवं तहसीलांे में जाकर आकस्मिक निरीक्षण भी करें।
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने उक्त आशय के निर्देश आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री आर.एस.बालोदिया सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख आदि उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने तहसीलवार अधिकारियों द्वारा निराकृत किए गए राजस्व प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 अगस्त 2019 तक जिले के सभी गांवों में गिरदावरी का कार्य पूरी गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ हो और यह भी सुनिश्चित करें कि पटवारी, गिरदावरी का कार्य किसानों के खेतों पर जाकर करें। उन्होंने कहा कि गिरदावरी का कार्य पूर्ण होने के पश्चात 05 सितम्बर 2019 को गांव की रिपोर्ट ग्राम सभा में वाचन कर ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर चस्पा की जाए। जिससे ग्रामीणजन उसका अवलोकन कर सके। कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को भी निर्देश दिए कि वे गिरदावरी के कार्य की आकस्मिक जांच भी करें। उन्होंने पोहरी तहसील के 72 गांव में गिरदावरी के कार्य की प्रगति धीमी होने पर नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिए कि जिले में स्थानांतरण होकर आए सभी पटवारियों को तत्काल हल्का आवंटित किया जाए।
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 अगस्त 2019 तक सभी गांवों में पटवारी पूरी गुणवत्ता के साथ खेतों पर पहुंचकर गिरदावरी का कार्य करें। इस कार्य को सभी अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व), तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अपने अनुभाग एवं तहसीलांे में जाकर आकस्मिक निरीक्षण भी करें।
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने उक्त आशय के निर्देश आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री आर.एस.बालोदिया सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख आदि उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने तहसीलवार अधिकारियों द्वारा निराकृत किए गए राजस्व प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 अगस्त 2019 तक जिले के सभी गांवों में गिरदावरी का कार्य पूरी गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ हो और यह भी सुनिश्चित करें कि पटवारी, गिरदावरी का कार्य किसानों के खेतों पर जाकर करें। उन्होंने कहा कि गिरदावरी का कार्य पूर्ण होने के पश्चात 05 सितम्बर 2019 को गांव की रिपोर्ट ग्राम सभा में वाचन कर ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर चस्पा की जाए। जिससे ग्रामीणजन उसका अवलोकन कर सके। कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को भी निर्देश दिए कि वे गिरदावरी के कार्य की आकस्मिक जांच भी करें। उन्होंने पोहरी तहसील के 72 गांव में गिरदावरी के कार्य की प्रगति धीमी होने पर नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिए कि जिले में स्थानांतरण होकर आए सभी पटवारियों को तत्काल हल्का आवंटित किया जाए।
शासकीय भूमि पर से अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही करें
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा एवं अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर शासकीय भूमि पर से कब्जा हटाने की कार्यवाही योजनाबद्ध तरीके से पुलिस बल के साथ सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व शासन की मंशा के अनुरूप 6 माह से अधिक का एक भी राजस्व प्रकरण लंबित न रहे। 6 माह के पूर्व के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण की कार्यवाही करें। प्रचलित प्रकरणों का निराकरण सितम्बर माह तक कर लिया जाए। सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार आगामी माहों में निराकृत किए जाने वाले प्रकरणों की वार्षिक कार्य योजना बनाकर संबंधित एसडीएम के माध्यम से भेजना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे आदिवासी परिवार जो वन भूमि पर रह रहे है। लेकिन पूर्व में वनाधिकार के पट्टे मिलने से छूट गए है। ऐसे परिवारों से ग्रामसभा के माध्यम से दस्तावेज सहित आवेदन लेकर पात्र परिवारों को वनाधिकार के पट्टे देने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
बाढ़ से प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचानें की व्यवस्था करें
कलेक्टर ने जिले में हो रही वर्षा को ध्यान में रखते हुए जिले की नदियों, नालों, जलाशयों में जल स्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके लिए पहले से ही चिंहित स्थानों पर भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं, ठहराने के साथ-साथ सुरक्षा के भी आवश्यक इंतजाम रखे जाए। उन्होंने बाढ़ एवं अतिवर्षा से फसलों की क्षति, जनहानि, पशुहानि आदि के संबंध में भी जानकारी ली। बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए स्थानीय संसाधनों, तैराकों आदि का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि रपटा, पुल, नालों के ऊपर से पानी निकलते वक्त वाहनों एवं लोगों को न जाने दें। वहां सुरक्षाकर्मियों की भी व्यवस्था रखें। बैठक में बंटवारा, सीमांकन, जनाधिकार के लंबित प्रकरण भी चर्चा की गई।
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शिवपुरी