पत्रकारिता के नाम पर दलाली करने बाले चिकित्सको को करते ब्लैक मेल


कोलारस-कोलारस अनुविभाग के अंतर्गत आने बाले ग्राम लुकवासा से खबर निकल कर सामने आ रही है कि लुकवासा में शासकीय चिकित्सक न होने के कारण क्षेत्र के मरीज कोलारस, शिवपुरी इलाज कराने को मजबूर है जिन्हे लुकवासा में प्राथमिक तत्काल उपचार देने के लिए प्राईवेट चिकित्सको द्वारा मरीजो का इलाज किया जा रहा है इसी बीच लुकवासा एवं आस-पास के कई फर्जी पत्रकार जिनके पास न तो पत्रकारिता की योग्ता है और न ही मध्य प्रदेश सरकार से किसी प्रकार की कोई मान्यता और न ही किसी प्रकार का रजिस्टर्ड प्रिंट एवं इलैक्ट्रोनिक मीडिया का कोई भी बैद्य दस्तावेज न होने के बाबजूद भी अपने आप को पत्रकार लिखने बाले चंद दलाल विज्ञापन के नाम पर लुकवासा के एक प्राईवेट चिकित्सक को ब्लैक मेल कर रहे है ब्लैक मेल से परेशान चिकित्सक द्वारा इसकी शिकायत की गई है। कि इस प्रकार चंद दलाल फर्जी पत्रकार होने के बाद भी पत्रकारता के नाम पर स्वास्थ्य के क्षेत्र मे वेहतर सुविधाये देने बाले प्राईवेट चिकित्सको को ब्लैक मेल कर रहे है। कानून के अनुसार नाम के आगे पत्रकारता लिखने के लिए सबसे पहले पत्रकारता का  कोर्स करना अनिवार्य है जिसके बाद बैद्य प्रिंट अथवा इलैक्ट्रोनिक मीडिया में कार्य करना तथा अनुभव के बाद मध्य प्रदेश शासन से मान्यता मिलने के पर बैद्य पत्रकारता कहलाती है किन्तु बर्तमान में देखने को आ रहा है कि शोसल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त करने बाले दलाल भी पत्रकारता को कलंकित करने का कार्य कर रहे है। जो कि शुद्घ रूप में ब्लैक मेलिंग की श्रेणी में आती है ऐसे लोगो के खिलाफ पुलिस एवं न्यायालय में जाकर सवक सिखाया जाना चाहिये जिससे ऐसे लोगो से पत्रकारता बदनाम न हो सके। 
इनका कहना है
पत्रकारता के नाम पर प्राईवेट चिकित्सक को ब्लैक मेल करने का मामला मेरे पास आया था उक्त मामले में ब्लैक मेल करने बाले लोगो के खिलाफ शिकायत की गई है पत्रकारता के नाम पर ब्लैक मेल करने बालो के विरूद्घ मेरे द्वारा जन सम्पर्क विभाग से बैद्य पत्रकारो की सूची लेकर उक्त मामले में जनहित याचिका माननीय हाई कोर्ट में दायर की जायेगी। जिसमें न्यायालय के आदेश मिलने के बाद पत्रकारता कौन व्यक्ति लिख सकता है और वैद्य पत्रकार कौन होता है इसके लिए माननीय न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद पत्रकारता को कलंकित करने बाले लोगो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा सकेगी। 
हरीश भार्गव
एडवोकेट 
उच्च न्यायालय खण्ड पीठ ग्वालियर


एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म